राधा रानी के गाँव बरसाना में आज खेली जा रही लड्डुओं से होली, होलाष्टक में न करें शुभ कार्य

New Delhi : होलिका दहन के 8 दिन पूर्व होलाष्टक प्रारंभ हो जाते हैं। होलाष्टक 2 मार्च सोमवार से प्रारंभ हो गया और 9 मार्चसोमवार को होलिका दहन के साथ समाप्त होंगे। शीघ्र बोध ग्रंथ के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी से पूर्णिमा पर्यंत 8 दिनहोलाष्टक दोष कहते हैं।

शतुदी नदी, बिपाशा नदी और इरावती नदी से तट के क्षेत्र और त्रिपुष्कर के क्षेत्र में होलाष्टक में मांगलिक कार्य वर्जित है और अन्य देशोंमें होलाष्टक में शुभ कार्य किए जा सकते हैं। अष्टमी तिथि से ही घरों में मलरिया बनाना प्रारंभ हो जाता है और होलिका दहन के साथघरों में उन मलरियों की छोटी होली जलाई जाती है।

इस वर्ष होलिका का दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 9 मार्च सोमवार को प्रदोषकाल में एवं रात्रि में 10:30 बजे से 11:15 बजे के बीच करना शुभ रहेगा। 9 मार्च सोमवार को पूर्णिमा तिथि रात्रि में 11:15 बजे तक हीरहने के कारण प्रदोष काल में होलिका दहन करना शुभ है। 10 मार्च मंगलवार को होली उत्सव धुरेड़ी एवं 14 मार्च शनिवार को रंग पंचमीका उत्सव मनाया जाएगा।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार इन 8 दिनों में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। होलाष्टक को लेकर पौराणिक कथाभी है जिसके अनुसार आज के दिन से ही भक्त प्रहलाद पर हिरण्यकश्यप ने अत्याचार शुरू किये थे। 

वहीं, एक मान्यता ये भी है कि इस दिन से सभी सितारे और देवगण ब्रज भूमि में कान्हा की होली देखने में व्यस्त हो जाते हैं। इसलिए इनदिनों में शुभ कार्यों के शुभ फल नहीं मिल पाते। कहते हैं कि ब्रज की होली हजारों साल से सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। इसेहर कोई देखना चाहता है। इसकी शुरुआत होलाष्टक के ही पहले दिन से होती है। आईए, आज हम आपको बताते हैं कि इस बार किसीदिन कौन सी होली मनाई जाएगी।

ब्रज क्षेत्र की पहली होली आज 3 मार्च को खेली जानी है। इस दिन राधा रानी के गांव बरसाना में लड्डुओं से होली खेली जाएगी। इसहोली के बाद कल 4 मार्च को बरसाना गांव में नंदगांव के हुरयारों संग बरसाना की हुरयारिन लठमार होली खेलेंगी। 5 मार्च को नंदगांव मेंलठमार होली का आयोजन होगा।

इसके अलावा द्वारिकाधीश मंदिर में 10 मार्च को अबीर और गुलाल की होली खेली जाएगी। होली का त्योहार भी इस दिन है। इससेपहले 9 मार्च को मंदिर से होली का डोला नगर भ्रमण के लिए निकलेगा। गोकुल में 7 मार्च को छड़ीमार होली खेली जाएगी। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और बांके बिहारी मंदिर में 6 मार्च को होली का उत्सव है। 

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