चीन में कोरोना रिटर्न्स : ठीक हो गये 14 फीसदी मरीज फिर से कोरोना पॉजेटिव

New Delhi : चिकित्सा विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि चीन में Corona Virus के पूर्व मरीजों में से 14 फीसदी रोगियों में फिर से जांच के बाद कोरोना पॉजेटिव पाया गया है।
रिसर्च से पता चला कि लगभग 14 प्रतिशत पूर्व रोगियों की स्पष्ट लक्षण दिखने के बाद जांच की गई। दरअसल चीन कोरोना वायरस के मामले में महाप्रकोप का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि चीन में लॉकडाउन खत्म होने के साथ ही लोग यहां वहां जाकर कोरोना को महामारी फैलाने में जुटे हैं। यही नहीं कोरोना के ‘मूक वाहक’ भी यहां बहुतायत में हैं, जो कोई लक्षण नहीं दिखाते हैं, लेकिन कोरोना से पीडित होते हैं।
Daily Mail की एक रिपोर्ट के मुताबिक महामारी के केंद्र, हुबेई के लाखों निवासियों ने अधिकारियों को बता दिया है कि दो महीने के ड्रैकनियन लॉकडाउन के हटाये जाने के बाद अब वे प्रांत छोड़ सकते हैं। इस खुलासे के बाद वुहान में कोरोना टेस्ट कराने के लिए लोग लाइन लगाये हुये हैं।

वुहान टोंगजी अस्पताल के निदेशक वांग वेई ने कल चीन नियंत्रित CCTv को बताया – डॉक्टरों ने एक अध्ययन में पाया कि 147 रोगियों में से पांच रिकवरी के बाद फिर से कोरोना के शिकार हो गये। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के प्रांतीय निदेशक सोंग टाई ने कहा – 14 फीसदी मरीजों का इलाज दक्षिणी चीन के गुआंगडोंग प्रांत में किया गया, जहां दूसरे रोगी भी थे। बाद में इनको फिर से पॉजटिव पाया गया।
वैसे वुहान मेडिक्स द्वारा किए गए अध्ययन में, रिकवर हो चुके रोगियों में फिर से पॉजेटिव होने का कोई लक्षण नहीं दिखा। शोधकर्ताओं ने कोई सबूत नहीं पाया कि वे रिकवरी के बाद फिर से बीमार हो गए क्योंकि उनके परिवार के सदस्यों के जांच में भी रिपोर्ट निगेटिव रही।
ग्वांगडोंग के अधिकारियों ने भी सुझाव दिया कि ऐसे रिकवर मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोग उनसे संक्रमित नहीं थे। विशेषज्ञों ने इस बारे में सवाल उठाए हैं -?क्या बरामद मरीजों में वायरस के निशान का पता लगाने में न्यूक्लिक एसिड परीक्षण विश्वसनीय हैं! यह संभव है कि इन रिकवर हुए मरीजों को गलत परिणामों के कारण पहले निगेटिव रिपोर्ट दे दी गई। न्यूक्लिक एसिड टेस्ट की सटीकता 30 से 50 फीसदी है।

जांच की तैयारी

हॉस्पिटल के चीफ ने कहा – रिकवर हुए मरीजों की बारीकी से निगरानी करना और उन्हें छुट्टी के बाद दो सप्ताह Quarentine में रखना महत्वपूर्ण था। अस्पताल के निदेशक ने कहा – इस रिसर्च के लिए हमारा नमूना आकार अपेक्षाकृत छोटा था। हम वुहान में लोकल कॉम्युनिटी के बीच बड़े पैमाने पर रिसर्च की योजना बना रहे हैं।
अन्य रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि कोरोनोवायरस से संक्रमित लोगों की संख्या अनुमान से काफी ज्यादा हो सकती है। सिर्फ 33 फीसदी लोगों में ही शुरुआती लक्षण उभरने के बाद तुरंत टेस्ट पॉजेटिव आता है। चीनी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन ‘साइलेंट कैरियर्स’ की वास्तविक संख्या और छिपी संख्या पहले जो सोचा जा रहा था उससे अधिक हो सकती है।

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