2 लाख बिहार और 1.84 लाख यूपी जायेंगे दिल्ली से, सरकार ने रेलवे से 262 ट्रेनें मांगी

New Delhi : दिल्ली में रह रहे चार लाख प्रवासियों ने अपने मूल प्रदेश जाने के लिए अब तक ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। घर जाने वाले प्रवासियों में अधिकांश बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। बिहार के रहने वाले करीब दो लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है, जबकि उत्तर प्रदेश के रहने वाले 1.84 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा – दिल्ली में अब तक करीब 4 लाख प्रवासी लोगों ने अपने मूल प्रदेश जाने के लिए पंजीकरण किया है। इन प्रवासी कामगारों को मूल प्रदेश पहुंचाने के लिए करीब 262 ट्रेनों की जरूरत है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रेलवे विभाग को पत्र लिखा है – अगले चार दिनों में उन्हें ट्रेनें उपलब्ध कराई जाये, ताकि प्रवासी मजदूरों को उनके मूल प्रदेश छोड़ा जा सके। दिल्ली सरकार ने 20 मई को भी करीब 25 ट्रेनों की मदद से 37,500 प्रवासी कामगारों को उनके मूल प्रदेश के लिए रवाना किया है। इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए 11-11 ट्रेनें रवाना की गई हैं। इसके अलावा झारखंड भी ट्रेन से प्रवासियों को भेजा गया है।

19 मई तक करीब 4 लाख लोगों ने दिल्ली सरकार के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। जिसमें सबसे अधिक बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, बिहार के रहने वाले करीब 1 लाख 95 हजार 746 लोगों ने घर जाने के लिए पंजीकरण किया है। इसमें बिहार के दरभंगा जाने के लिए सबसे अधिक 14836, मधुबनी जाने के लिए 14355, सीतामढ़ी जाने के लिए 11156, मुजफ्फरपुर जाने के लिए 11707 और कटिहार जाने के लिए 10247 लोगों ने पंजीकरण किया है।

बिहार के अन्य सभी जिलों से भी लोगों ने घर जाने के लिए पंजीकरण किया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के रहने वाले करीब 1 लाख 84 हजार 997 लोगों ने पंजीकरण किया है। इसमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जाने के लिए 14914, गोरखपुर जाने के लिए 13279, जौनपुर जाने के लिए 11554, अंबेडकरनगर जाने के लिए 8103 और बस्ती जिला जाने के लिए 7770 लोगों ने पंजीकरण किया है। यूपी के अन्य जिलों से भी इसी तरह लोगों ने पंजीकरण कर घर जाने की इच्छा जताई है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ जाने के लिए करीब 3200, झारखंड जाने के लिए करीब 6135 और मध्यप्रदेश जाने के लिए 5132 लोगों ने पंजीकरण कराया है।

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