बिहार: विभिन्न जिलों से 12 डॉक्टर मुजफ्फरपुर के SKMC अस्पताल रवाना, मौ’त का ग्राफ लगातार बढ़ रहा

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम(AES) से बच्चों की मौ’त का आंकड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा। इसी के मद्देनज़र बिहार के विभिन्न जिलों से 12 अतिरिक्त डॉक्टर मुजफ्फरपुर के SKMC अस्पताल रवाना किये गए हैं। इन डॉक्टरों में 4 दरभंगा, 4 नालंदा और 4 पटना से भेजे गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर जानकारी दी।

एएनआई ने ट्वीट किया, “बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के प्रकोप के बाद विभिन्न जिलों के 12 डॉक्टर श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजे गए हैं। इनमें दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से 4, नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से 4 और पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से 4 डॉक्टर भेजे गए हैं।”

बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुबह SKMC अस्पताल का दौरा किया था। मंगलवार को ही मुजफ्फरपुर के डीएम ने सूचना दी कि इंसेफलाइटिस से अबतक 108 लोगों की मौ’त हो चुकी है। वहीँ मंगलवार दोपहर तीन बजे तक 4 बच्चों की मौत हो गयी थी। डीएम आलोक रंजन घोष के अनुसार इंसेफलाइटिस से 16 बच्चों की हालत गंभीर बनी हुयी है। आलोक रंजन ने ये भी कहा था कि सीएम नीतीश कुमार बच्चों को मिल रहे इलाज से संतुष्ट हैं।”

गौरतलब है कि मंगलवार को ही बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा था कि हमारी कोशिश है कि मरीजों को अस्पताल आने के लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ें और सरकार उन्हें आवागमन के लिए एकमुश्त 400 रुपये का भुगतान करेगी। दीपक कुमार ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि मुजफ्फरपुर के SKMC अस्पताल को 2500 बेड के अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा। वर्तमान में इसमें 610 बेड हैं।”

दीपक कुमार ने आगे कहा था कि अगले 1 साल में इसे 1500 बेड तक और बाद में 2500 बीएड तक पहुंचाया जाएगा। मुख्य सचिव ने ये भी कहा कि SKMC में 100-बेड वाला आईसीयू बनाया जाएगा। रिश्तेदारों और परिवारों के लिए ‘धर्मशाला’ का निर्माण भी किया जाएगा।