पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को 11 दिनों के रिमांड पर भेजा गया

New Delhi : National Accountability Bureau (NAB) ने सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को कोर्ट के सामने पेशी होने के बाद जरदारी को 11 दिनों के रिमांड पर भेजा गया है। उनपर भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले चल रहे हैं।

NAB ने जरदारी को कोर्ट में जज मोहम्मद अरशद मलिक के सामने पेश किया। कोर्ट ने जरदारी को 21 जून को फिर से पेश होने को कहा। NAB ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड मांगी थी लेकिन जदगारी को 11 दिनों की रिमांड पर भेजा गया है। NAB ने सुमवाई के दौरान कहा कि हमारे पास 8 ऐसे कारण हैं जिनपर हम ये कार्रवाई कर रहे हैं। कार्रवाई के दौरान जरदारी ने NAB की जेल में विशेष सुविधा की भी मांग की जिसमें उनके साथ एक केयरटेकर रखने और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की बात थी।

क्या है मामला….

National Accountability Bureau (NAB) के अधिकारियों ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आासिफ अली जरदारी को सोमवार को गिरफ्तार किया था। जरदारी को फर्जी बैंक अकाउंट केस में गिरफ्तार किया गया है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद ये गिरफ्तारी की गई है।

जरदारी पर मना लांड्रिंग से जुड़े मामले चल रहे हैं। अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए उन्होंने इस्लामाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन कोर्ट की तरफ से उन्हें कोई रियायत नहीं मिली। NAB पाकिस्तान में भ्रष्टाचार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े मामलों को देखती है।

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आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान के राष्ट्रपति रह चुके हैं। 2008 से 2013 तक जरदारी पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे। जरदारी पाकिस्तान के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिसका जन्म भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद हुआ। जरदारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता हैं और 2018 तक पाकिस्तान की संसद के सदस्य थे।