उत्तर प्रदेश में आने वाली कंपनियों को सरकार द्वारा इंसेंटिव और कैपिटल सब्सिडी देने पर भी विचार किया जा रहा है।

योगीराज : औद्यरेगिक इकाइयों ने की 5 लाख कामगारों की डिमांड, प्रवासी मजदूरों को नौकरी देना शुरू

New Delhi : उत्तर प्रदेश लौटे प्रवासी मजदूरों और कामगारों को रोजगार देने की दिशा में काम शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के स्किल मैपिंग डेटा बैंक से पांच लाख श्रमिकों और कामगारों की मांग उद्योगों से आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ टीम-11 की बैठक में यह जानकारी दी गई। इसके साथ ही यूपी में श्रमिकों, कामगारों और युवाओं के उद्योगों में सेवायोजन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री की बैठक में बताया गया कि अप्रेंटिस के दौरान सरकार और औद्योगिक समूहों से अप्रेंटिस भत्ता दिलाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर औद्योगिक संस्थानों का सर्वे और मैपिंग शुरू कराया गया है। मुख्यमंत्री हर औद्योगिक संस्थान में रोजगार पैदा कराने में जुटे हुए हैं।
प्रदेश के प्रत्येक औद्योगिक इकाइयों में मैनपावर की क्षमता बढ़ाई जाए, जिससे कम से कम एक से लेकर 10 श्रमिकों के लिए जगह बनाई जाए। मुख्यमंत्री टीम-11 की बैठक में श्रमिकों और कामगारों के लिए रोजगार का खाका तैयार करा रहे हैं। राज्य सरकार हर इकाई से स्किल्ड और नान स्किल्ड मैन पावर की डिमांड मांग रही है। इसके साथ ही औद्योगिक इकाईयों में श्रमिकों व कामगारों के लिए अप्रेंटिस और ट्रेनिंग के भी इंतजाम कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी नियमित ट्रेन सेवा प्रारंभ होने से पहले यात्रियों की स्कैनिंग करने के लिए कार्ययोजना अभी से तैयार कर ली जाए। मुख्यमंत्री को बताया गया कि अभी तक प्रदेश में 1337 ट्रेनें आ चुकी हैं और 104 ट्रेनें रास्ते में हैं। गोरखपुर में कामगारों, श्रमिकों को लेकर अब तक 208 ट्रेनें आ चुकी हैं। इस प्रकार गोरखपुर रेलवे स्टेशन पूरे देश में सर्वाधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेन रिसीव करने वाला स्टेशन बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारंटीन सेंटर में कामगारों, श्रमिकों की स्किल मैपिंग करते हुए उनका मोबाइल नंबर व बैंक खाता संख्या सहित सम्पूर्ण विवरण एकत्र किया जाए।

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