पहली बार सामने आया दुनिया का सबसे जहरीला सांप, वो भी भारत में

पहली बार सामने आया दुनिया का सबसे जहरीला सांप, वो भी भारत में

By: Ravi Raj
November 15, 13:11
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NEW DELHI: MADHYA PRADESH स्थित कान्हा NATIONAL PARK में सबसे जहरीला और दुर्लभ प्रजाति का सांप मिला है। लाल पूंछ वाला हरे रंग का यह सांप RED TAILED BAMBOO वाइपर के नाम से जाना जाता है।

यह एक पेड़ के तने से लिपटा पाया गया। यह ज्यादातर दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता है। कान्हा नेशनल पार्क के डायरेक्टर संजय शुक्ला के मुताबिक, यहां यह सांप पहली बार नजर आया है। इस सांप का मुंह तीन रंगों पीला-लाल और हरा होता है। इसकी पूंछ लाल होती है। वहीं पूरा शरीर गहरे हरे रंग का चमकीला होता है। इसे जमीन पर रहना अधिक पसंद नहीं है। उनका कहना है ये दुनिया का सबसे जहरीला सांप है।

बता दें कि सांप का नाम सुनते ही लोग दहशत से कांप उठते हैं। यह डर लाजमी है, क्योंकि भारत जैसे गर्म जलवायु वाले देश में हर साल सांप के डसने से हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि सांप के जहर से कई बार मौत नहीं होती, बल्कि उसकी दहशत से ही लोग प्राण त्याग देते हैं। इस कारण से लोग जहां भी सांप देखते हैं उसके बाद उसे मारकर ही दम लेते हैं। कुछ जहरीले प्रजाति के सांपों के खौफ के कारण बिना जहर वाले सांप भी मारे जाते हैं। सांप के प्रति हमारा यह व्यवहार, जानकारी की कमी और डर के कारण है। 


हर सांप जहरीला नहीं होता भारत में करीब 270 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं और इनमें से 4 प्रजाति के सांप ही जहरीले होते हैं और इनके काटने से लोगों की जान जाती है। ये सांप हैं- कोबरा (नाग), करैत, रसेल वाइपर और सॉव स्केल्ड वाइपर। ये चार प्रजाति के सांप ही डसने के अधिकतर मामलों के प्रति जिम्मेदार होते हैं। इनके अलावा किंग कोबरा, हम्प नोज्ड पिट वाइपर और बैंडेड करैत भी जहरीले सांप हैं, परंतु ये काफी कम संख्या में हैं और इनके कारण बहुत कम आदमी मारे जाते हैं।

अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हायजिन के अनुसार, भारत में हर साल 46,000 लोग सांप के डसने से मर जाते हैं। वहीं, भारत के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष 2,000 लोग सांप के जहर से मारे जाते हैं। इसके साथ ही वर्ष भर में 2.5 लाख से ज्यादा लोगों को सांप काटने की बात सामने आती है।

सांप के पास जहर है और पैने नुकीले दांत हैं तो वह डसेगा ही यह सही नहीं है। हम सांप से जितना डरते हैं उससे ज्यादा सांप हमसे डरते हैं और इसी कारण वे छिपे रहते हैं। सांप के दांत और जहर शिकार में सहायता और आत्मरक्षा के लिए होते हैं। भोजन की तलाश में निकला सांप शिकार के शरीर पर दांत गड़ा देता है और उसके शरीर में जहर डाल देता है।

जहर के कारण शिकार कुछ दूर जाकर बेहोश हो जाता है और सांप अपने जहर को सूंघता हुआ उसके पास पहुंच जाता है। इसके अलावा सांप अपने जहर का इस्तेमाल दुश्मनों से खुद की रक्षा के लिए भी करता है। यही कारण है कि जब इंसानों से इनका सामना होता है तो उसे साक्षात मृत्यु नजर आती है और ये अपनी रक्षा के लिए अपने ताकतवर हथियार का इस्तेमाल कर देते हैं।

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