यरुशलम विवाद: फिलिस्तीन की स्वतंत्र सोच को भारत का समर्थन, अमेरिका के साथ नहीं जाएगा भारत

यरुशलम विवाद: फिलिस्तीन की स्वतंत्र सोच को भारत का समर्थन, अमेरिका के साथ नहीं जाएगा भारत

By: Aryan Paul
December 08, 08:12
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New Delhi: इजरायली दूतावास अब तेल अवीव से यरुशलम शिफ्ट किया जाएगा, क्योंकि ट्रंप ने यरुशलम को राजधानी बनाने का फैसला कर लिया है। हालांकि भारत इस मामले पर अभी दूरी ही बनाए रखेगा। भारत अमेरिका के साथ नहीं जाएगा।

दरअसल इजरायली सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका के एलान के बाद उसके सहयोगी देश भी इस दोनों का समर्थन करेंगे। बता दें कि यरुशलम में भारतीय दूतावास के एक ट्वीट को इजरायली राजदूत ने रीट्वीट भी किया है। वहीं दूसरी ओर भारत भी अमेरिका के करीब है। 

यरुशलम

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वैश्विक जगत में इस फैसले से अफरा-तफरी मची है। खासकर अरब जगत ट्रंप की कड़ी आलोचना कर रहा है। मामले पर भारत के रुख के बारे में पूछे गए सवालों पर विदेश मंत्रालय का कहना है कि फिलिस्तीन पर भारत का रुख स्वतंत्र और स्थिर है। यह हमारे हितों और अपने विचारों के आधार पर बना है। यह किसी तीसरे देश की ओर से नहीं तय किया गया है। 

यरुशलम

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जानकारी के लिए बता दें कि भारत अपनी आजादी के बाद से ही फिलिस्तीनी उद्देश्यों के साथ रहा है। अरब देशों में इसे काफी पॉजिटिव तरीके से भी लिया गया। इजरायल के साथ संबंधों को भारत ने ज्यादा हाइलाइट नहीं किया, क्योंकि पाकिस्तान को काबू में रखने के लिए भारत को खाड़ी देशों से भी अच्छे संबंध रखने थे। भारत ने अपने स्तर से फिलिस्तीन और इजरायल के बीच कई बार बैलेंस बिठाने की कोशिश की।

इजरायल

साथ ही मोदी इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय पीएम बने। इसकी राजधानी का मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब इजरायल के पीएम बेन्जामिन नेतन्याहू के जनवरी में भारत आने की तैयारी हो रही है। 

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