अब सरहद पर नहीं चल पाएगी चीन की एक भी चालाकी, सीमा पर मजबूत ढांचा बनाएगा भारत

अब सरहद पर नहीं चल पाएगी चीन की एक भी चालाकी, सीमा पर मजबूत ढांचा बनाएगा भारत

By: Rohit Solanki
October 13, 19:10
0
....

New Delhi: डोकलाम विवाद के बाद भारत अब अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए ज्यादा चौंकन्ना हो गया है। भारत ने इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है और सीमा की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर इसके नजदीक निर्माण कार्य शुरू करने वाला है। चीन से लगती करीब 4 हजार किलोमीटर लंबी सीमा पर भारत आधारभूत संरचना को बढ़ाने वाला है। इसमें विवादित इलाके के नजदीक भी सड़क निर्माण शुरू होने वाला है। 

सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का यह फैसला आर्मी कमांडरों की कॉन्फ्रेंस में लिया गया। भारत-चीन सीमा से लगे नीति, लिपुलेख, थांगला 1 को सड़क से जोड़ने का फैसला किया गया है। इसे 2020 तक पूरा करने की योजना है। इसमें सड़क सीमा संगठन (BRO) को अतिरिक्त धन मुहैया कराने का भी फैसला किया गया है ताकि सड़क और अन्य ढांचे को मजबूत बनाया जा सके। 

डायरेक्टर जनरल स्टाफ ड्यूटी ले. जनरल विजय सिंह ने कॉन्फ्रेंस में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। इस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्रालय के कई शीर्ष अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि उत्तरी सेक्टर में मजबूत निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि सेना किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए हर वक्त तैयार रहे। सोमवार को शुरू हुए इस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सभी कमांडरों को किसी भी तरह की परिस्थिति के लिए हमेशा तैयार रहने को कहा। 

 ले. जनरल सिंह ने बताया कि सेना प्रमुख ने साथ ही जोर दिया कि इसके लिए हथियारों और गोला बारूद की खरीदारी को प्राथमिकता सूची में रखना होगा। सूत्रों ने बताया कि भारत-चीन सीमा पर क्षमता बढ़ाना कॉन्फ्रेंस का मुख्य मुद्दा रहा। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। रक्षा मंत्री ने सेना की आंतरिक और बाह्य मुसीबतों से निपटने में बेहतर प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने साथ ही आने वाली किसी चुनौती से निपटने के लिए सभी सेनाओं को एकसाथ मिलकर प्रयास करने पर भी बल दिया। 

गौरतलब है कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम दो महीने से ज्यादा तनातनी का माहौल रहा था। 16 जून को शुरू हुई यह तनातनी 73 दिन तक चली थी और 28 अगस्त को यह मामला सुलटा था। इस मामले के सुलझने के कुछ दिन बाद ही जनरल रावत ने कहा था कि चीन एक बार फिर से तैयारी कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि भारत की उत्तरी सीमा की स्थितियां बाद में बड़े संघर्ष में बदल सकती हैं। ले. जनरल सिंह ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में आधारभूत संरचना और सीमा पर अपनी क्षमताओं को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। 

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।