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बार्डर पर टकराव को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, भारत-चीन से अपील – संयम बरतें

New Delhi : संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हिंसा और मौत की खबरों पर चिंता जताई और दोनों पक्षों से “अधिकतम संयम” बरतने का आग्रह किया। गुतारेस के प्रवक्ता ने मंगलवार 16 जून को यह जानकारी दी।
भारतीय सेना की ओर से जारी एक वक्तव्य के अनुसार पूर्वी लद्दाख घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के कुल 20 जवान शहीद हो गए जिसके बाद पहले से जारी गतिरोध की स्थिति और गंभीर हो गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता एरी कनेको ने दैनिक प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी।

कनेको ने कहा- भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हिंसा और मौत की खबरों पर हम चिंता प्रकट करते हैं और दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह करते हैं। लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प में भारतीय सैनिकों की शहादत के सवाल पर कनेको ने यह प्रतिक्रिया दी।
भारत और चीन की सेना के बीच पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी में गतिरोध चल रहा है। काफी संख्या में चीनी सैनिक अस्थायी सीमा के अंदर भारतीय क्षेत्र में पैंगोंग सो सहित कई स्थानों पर घुस आए हैं। भारतीय सेना ने घुसपैठ पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए उनकी तुरंत वापसी की मांग की है। गतिरोध दूर करने के लिए दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों में कई वार्ताएं हुई हैं।
लद्दाख की गालवन घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हुए टकराव का ठीकरा पड़ोसी देश ने भारत के सिर ही फोड़ा है। चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि चीन और भारत की सीमा पर लगातार तनाव की वजह भारतीय सेनाओं का घमंड और दुस्साहस है।
ग्लोबल टाइम्स ने अपने एडिटोरियल में लिखा है कि बॉर्डर के करीब भारतीय सेना इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रही है। उसने चीन के हिस्से में भी कुछ निर्माण किए हैं। इसके चलते ही दोनों पक्षों के बीच टकराव हो रहा है, क्योंकि चीन की सेना भारतीय सेना के निर्माण को रोकने की कोशिश कर रही है।

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