1971 इंडो-पाक वार:  इस बाइक की कीमत पाक को बांग्लादेश के रूप में चुकानी पड़ी!

1971 इंडो-पाक वार: इस बाइक की कीमत पाक को बांग्लादेश के रूप में चुकानी पड़ी!

By: shailendra shukla
December 07, 17:12
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New Delhi: फील्ड मार्शल और पूर्व इंडियन आर्मी के चीफ सैम मानेकशॉ युद्ध के दौरान जितने एक्टिव रहते थे वह उससे कही ज्यादा मजाकिया इंसान भी थे। उनकी बातों के अंदाज को फौजी गलियारों में आज भी खूब चस्के से याद किया जाता है।

एक किस्सा है उनकी लाल रंग की जेम्स मोटर साइकिल का जो उन्होंने भारत के आजाद होने से पहले अपने साथी जनरल याह्या खान को 1000 रुपए में बेची थी।

ये 1947 के शुरुआत की बात है। देश के बंटवारे के हंगामे के बीच जनरल याह्या खान उन्हें मोटर साइकल की कीमत नहीं चुका पाए। पाकिस्तान के गठन के साथ ही याह्या खान भी पाकिस्तान चले गए। अरसा बीत गया… मोटर साइकिल भी याह्या खान साथ ले गए थे। 1971 के युद्ध के नतीजे में पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा उससे अलग हो गया और नया देश बना बांग्लादेश।

फील्ड मार्शल सैम मानेक्शॉ (फाइल फोटो)

उनकी मोटर साइकिल से जुड़ा सवाल जब एक पत्रकार ने उनसे किया और पूछा कि क्या उन्हें अपने मोटरसाइकिल का दाम मिला क्या? इस पर सैम मानेकशा ने चुटकी लेते हुए कहा था कि याह्या खान ने मोटर साइकिल की कीमत अपने देश के टुकड़े के तौर पर चुकाई है।

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याहया खान (फाइल फोटो)

एक और मजेदार बात है कि 2001 में पाकिस्तान के स्तम्भकार अरेथिर कोवस्जी भारत में मानेकशा से मिले तो उस मोटर साइकिल की कीमत सूद समेत चुकाने की पेशकश की। इस पर सैम मानेकशा ने याह्या खान के बारे में कहा याह्या एक अच्छा इंसान और अच्छा सैनिक था। हम दोनों ने साथ-साथ नौकरी की और वह न तो घटिया है और न ही भ्रष्ट।

प्रतीकात्मक तस्वीर

गौरतलब है कि 3 दिंसबंर 1971 से 16 दिंसबर 1971 तक भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भारी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर कर दिया था। परिणाम यह रहा कि भारत की जीत हुई थी और बांग्लादेश एक नया देश बन गया था। 1971 में फील्ड मार्शल मानेक्शॉ ही आर्मी चीफ थे।

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