Video: साहब! 3 महीने से छुट्टी नहीं मिली है, कोतवाल बोले-'तुम तो रिश्वतखोर हो, क्या करोगे छुट्टी का?'

Video: साहब! 3 महीने से छुट्टी नहीं मिली है, कोतवाल बोले-'तुम तो रिश्वतखोर हो, क्या करोगे छुट्टी का?'

By: shailendra shukla
December 07, 17:12
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Lucknow/Ghaziabad: गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम कोतवाली के कोतवाल साहब अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से ‘दुश्मनों’ जैसा व्यवहार करते हैं। खुद तो मजे में रहते हैं लेकिन जब कोई उनसे छुट्टी मांगने जाता है तो उसपर रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हैं।

बतौर कोतवाल इंदिरापुरम वही लोग छुट्टी नहीं करतें जो रिश्वतखोरी करते हैं। यूपी में पुलिसकर्मियों की भारी कमी है यह बात राज्य की सरकार, हाई कोर्ट औऱ सुप्रीम कोर्ट तक को भी पता है। समय-समय पर सरकारों को लताड़ भी इसके लिए लगती रहती है। लेकिन पुलिस वाला भई इंसान होता है उसे भई सप्ताह में कम से कम एक दिन के लिए रेस्ट तो चाहिए ही होता है। लेकिन इंदिरापुरम के कोतवाल से एक सिपाही को छुट्टी मांगना इतना भारी पड़ गया कि उसे रिश्वतखोर, कामचोर, लापरवाह जैसी संज्ञा मिल गई। सोशल मीडिआ पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें विजय चौधरी नाम का एक कांस्टेबल अपनी आप बीती सुना रहा है।

विजय चौधरी

फेसबुक पर वायरल किए गए वीडियो में विजय चौधरी बोलते हैं, ‘नमस्कर दोस्तों! मेरा नाम विजय चौधरी है और मैं वर्तमान में जनपद गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम में की चौकी वैशाली में वर्तमान में तैनात हूं। मेरी समस्या यह है कि हमें आजाद हुए आज 70 साल हो गए हैं लेकिन हम आज भी डिपार्टमेंट में गुलामों की तरह काम कर रहे हैं। पिछले ढाई महीने हो गए हैं मैने अपना बच्चा नहीं देखा... अपने घरवाले नहीं देखे। मेरे मां-बाप बीमार हैं... क्या है क्या नहीं... मै घर नहीं जा पाया हूं। 1 दिसंबर को मेरी शादी की सालगिरह थी लेकिन इलेक्शन की गिनती की वजह से उसमें भई नहीं जा पाया। अब मैने छुट्टी के लिए दरखास्त लगाई। मेरी नाइट शिफ्ट चल रही है लैपड़ पर। कल ड्यूटी खत्म करके थाने आया। तीन ङंटे कोतवाल महोदय जी का इंतजार किया और जब उनके सामने अपनी छुट्टी की अर्जी लेकर गया तो उन्होंने कहा कि आप पांच दिन की छुट्टी मांग रहे हो लेकिन मैं तीन दिन का दूंगा। मैने कहा कि सर मैं दो महीने से घर नहीं गया हूं मुझे पांच दिन की छुट्टी दे दीजिए। तो उनके शब्द थे कि तुम ढाई महीने से घर नहीं गए हो लेकिन क्षेत्र में लूट मचा रखी है। उगाही करते हो.. रिश्वत लेते हो... अगर रिश्वत नही लेते तो घर जाते।’

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विजय चौधरी आगे कहते हैं कि हकीकत यह है कि ये किसी को छुट्टी देते ही नहीं हैं। पिछले पांच दिन से छुट्टी देने लगे तभी मैं हिम्मत करके छुट्टी लेने आया हूं। भगा देते हैं साहब! अगर कभी एसएसआई महोदय छुट्टी दे देते हैं तो उन्हें भी हिदायत देते हैं कि छुट्टी सिर्फ मैं दूंगा। बड़ी मुसीबत से तीन दिन की छुट्टी की मंजूरी मिलती है लेकिन प्रार्थना पत्र पर कोतवाल साहब ने दस्तखत नहीं किया।

कांस्टेबल विजय चौधरी का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें...

कोतवाली इंदिरापुरम

विजय आगे बताते हैं कि उन्होंने कहा जिस दिन आपकी रवानगी रहेगी उस दिन साइन करूंगा यानि अब फिर से मुझे कोतवाल साहब के पास जाना पड़ेगा और चार घंटे नष्ट करने पड़ेंगे। उन्होंने कोतवाल साहब से कहा कि इसे आप सीओ साहब के पास फारवर्ड कर दीजिए मैं उनसे छुट्टी ले लूंगा। जिसपर भी कोतवाल साहब ने मुझे डांटा और भगा दिया।
 

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