हाईकोर्ट बोला- BMC, संजय राऊत को कोर्ट में पक्ष रखने के लिये समय चाहिये, वैसे तो बहुत तेज हैं

New Delhi : मुम्बई हाईकोर्ट ने गुरुवार को कंगना रनौत के ऑफिस तोड़फोड़ मामले की सुनवाई करते हुये बीएमसी और शिवसेना सांसद संजय राऊत की जमकर क्लास लगाई। कोर्ट ने कहा कि यहां पर अपना पक्ष रखने के लिये बीएमसी को बारिश नजर आ रही है। उसे और वक्त चाहिये लेकिन बाकी मामलों में तो काफी तेज है। ऐसा कैसे? हाईकोर्ट ने साफ कहा- बारिश की वजह से इस मामले को छोड़ नहीं सकते, आपने एक अच्छे खासे ऑफिस को तोड़कर बीच में छोड़ दिया और अब आपको वक्त भी चाहिये, क्योंकि बारिश हो रही है। कोर्ट ने 25 सितंबर शुक्रवार को सुनवाई की अगली तारीख दी है और सभी पक्षों को अपना-अपना पक्ष रखने को कहा है।

दरअसल आज सुनवाई के दौरान शिवसेना सांसद संजय राऊत के वकील ने कोर्ट को बताया कि संजय राऊत अभी संसद सत्र में शामिल होने के लिये दिल्ली गये हुये हैं। और चूंकि याचिका के संदर्भ में आज ही जानकारी मिली है इसलिये हमें अपना पक्ष इस केस में रखने के लिये और वक्त चाहिये। दूसरी ओर बीएमसी की ओर से पक्ष रखते हुये वकील ने कहा कि अभी मुम्बई में लगातार बारिश हो रही है। पूरे शहर की हालत गड़बड़ है। बीएमसी के सारे अफसर बारिश से निपटने की कोशिशों में लगे हुये हैं। ऐसे में बीएमसी को जवाब दाखिल करने के लिये और वक्त की दरकार है।
दोनों पक्षों ने जैसे ही और समय की मांग की हाईकोर्ट के जज गरम हो गये और कहा-बारिश की वजह से उस टूटे हुये ऑफिस को नहीं छोड़ा जा सकता है, वैसे तो आप बहुत तेज हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने कंगना रनौत को उनके आफिस क्षेत्र के बीएमसी के शासी अधिकारी को भी पार्टी बनाने की सहमति दे दी। ऐसा लग रहा है कि हाईकोर्ट में कंगना का पक्ष काफी मजबूत है।

हाईकोर्ट की बीएमसी को फटकार के बाद कंगना रनौत ने ट‍्वीट किया- सत्यमेव जयते। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण में अपने सख्त रुख और मूवी माफिया के खिलाफ आवाज बुलंद करने की वजह से कंगना मुम्बई में शिवसेना के साथ-साथ बड़े-बड़े मूवी माफिया के निशाने पर भी आ गई। इसी का परिणाम था कि पंद्रह दिन पहले जब कंगना मुम्बई पहुंची तो उनके मुम्बई में कदम रखते ही उनके 45 करोड़ के आफिस के निर्माण को बीएमसी ने तोड़फोड़ डाला। संजय राऊत ने दो दिन पहले ही परिणाम भुगतने की बात कंगना से की थी। गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि कंगना को मुम्बई नहीं आना चाहिये।

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