Ind vs SA: सीरीज में बने रहने के लिए कोहली ब्रिगेड को करनी होगी मेहनत, करो या मरो का मुकाबला

Ind vs SA: सीरीज में बने रहने के लिए कोहली ब्रिगेड को करनी होगी मेहनत, करो या मरो का मुकाबला

By: Aryan Paul
January 12, 15:01
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New Delhi: केपटाउन टेस्ट में हार के बाद कोहली ब्रिगेड पर जीत को लेकर बड़ा दबाव बना हुआ है। शनिवार को दूसरे टेस्ट में जीत के लिए टीम इंडिया को कड़ी मशक्कत करनी होगी।

जोहांसबर्ग में मुकाबला करो या मरो का होगा। दूसरे मुकाबले में पिच की उछाल और दक्षिण अफ्रीका के तेज आक्रमण का बेहतर ढंग से सामना करना बड़ी चुनौती होगी। लगातार 9 सीरीज जीतने का भारत का रिकॉर्ड शनिवार को दांव पर होगा । बता दें कि साउथ अफ्रीका की टीम ने पहला टेस्ट जीतकर 72 रन से 1–0 की बढत ले रखी है।

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बता दें कि कोहली ब्रिगेड को 2018–19 में विदेशी धरती पर 12 टेस्ट खेलने हैं, और यह उनमें से दूसरा ही टेस्ट है । भारत को सीरीज में बने रहने के लिये यह टेस्ट हर हालत में जीतना होगा। दक्षिण अफ्रीका अगर 2–0 की बढत बना भी लेता है तो भारत की नंबर वन टेस्ट रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा 

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ऐसे में कोहली के सामने भी कम चुनौतियां नहीं होगी। उन्हें कारगर रणनीति बनानी होगी। बता दें कि दूसरे टेस्ट की पहली गेंद फेंके जाने से 48 घंटे पहले भारतीय टीम ने सुपरस्पोर्ट पार्क पर करीब चार घंटे तक अभ्यास किया। चेतेश्वर पुजारा ने पहली स्लिप में कैचिंग का अभ्यास किया जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा ने मिलकर बल्लेबाजी की जबकि अजिंक्य रहाणे अधिकांश समय मूक दर्शक बने रहे।

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उन्होंने और शिखर धवन ने आखिर में सहायक कोच संजय बांगड़ के साथ थ्रो डाउन अभ्यास किया। दोनों में से किसी ने असली तेज गेंदबाजी का सामना नहीं किया। केएल राहुल, मुरली विजय और पुजारा ने आसपास के नेट पर बल्लेबाजी की । उनके बाद कोहली और रोहित बल्लेबाजी के लिये आये और फिर हार्दिक पंड्या तथा रिधिमान साहा उतरे। धवन की जगह राहुल का खेलना तय है। धवन का विदेश में खेले गए 19 टेस्ट में औसत 43–72 है जो उनके कैरियर के औसत 42–62 से अधिक है।

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अब देखना यह है कि कोहली तेज गेंदबाजी आक्रमण में क्या बदलाव करते हैं। उमेश यादव ने नेट पर गेंदबाजी और बल्लेबाजी का अभ्यास किया है। बीमारी से उबर चुके ईशांत शर्मा भी लय में दिखे। दोनों मिलकर 115 टेस्ट का अनुभव रखते हैं लेकिन अगर कोहली टीम में बदलाव नहीं करते हैं तो मात्र एक मैच के अनुभव वाले जसप्रीत बुमराह को इन पर तरजीह मिल सकती है।
 

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