16 हजार की ऊंचाई पर लद्दाख में तिरंगा फहराया जवानों ने, स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में हर्षोल्लास

New Delhi : भारत में आज 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिला से लेकर लक्ष्यद्वीप तक और लद्दाख में गलवान घाटी तक तिरंगा फहराया गया। पूरा देश इस राष्ट्रीय उत्सव को उल्लास के साथ मना रहा है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने 16 हजार फीट की ऊंचाई पर लद्दाख में तिरंगा फहराया। पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ झंडोत्तोलन किया गया। कांग्रेस मुख्यालय में एके एंटोनी ने झंडोत्तोलन किया। राहुल गांधी भी मौके पर मौजूद थे। जम्मू में गवर्नर मनोज सिन्हा, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, मुम्बई में उद्धव ठाकरे और लखनऊ में सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुये झंडोत्तोलन किया गया।

इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिला से पाकिस्तान और चीन को हद में रहने का संदेश दिया। हालांकि उन्होंने नाम नहीं लिया। पाकिस्तान और चीन को इशारों में संदेश देते हुये कहा- हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देख लिया है। सीमा पर देश के सामर्थ्य को चुनौती देने के प्रयास हुये। लेकिन, एलओसी से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई, हमारे वीर जवानों ने उसे उसी की भाषा में जवाब दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा – भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिये सर्वोच्च है। आज पड़ोसी सिर्फ वो ही नहीं हैं, जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं बल्कि वे भी हैं जिनसे हमारे दिल मिलते हैं। जहां रिश्तों में समरसता होती है, मेल जोल रहता है। हमारे पड़ोसी देशों के साथ, चाहे वो हमसे ज़मीन से जुड़े हों या समंदर से, अपने संबंधों को हम सुरक्षा, विकास और विश्वास की साझेदारी के साथ जोड़ रहे हैं। भारत के जितने प्रयास शांति और सौहार्द के लिए हैं, उतनी ही प्रतिबद्धता अपनी सुरक्षा के लिए, अपनी सेना को मजबूत करने की है। भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भी पूरी क्षमता से जुट गया है।

उन्होंने कहा- देश की सुरक्षा में हमारे बॉर्डर और कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर की भी बहुत बड़ी भूमिका है। हिमालय की चोटियां हों या हिंद महासागर के द्वीप, आज देश में रोड और इंटरनेट कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है, तेज़ गति से विस्तार हो रहा है। भारत में 1300 से ज्यादा आईलैंड हैं। इनमें से कुछ चुनिंदा को विकसित करने की योजनाएं शुरू करने पर काम चल रहा है। अगले 1000 दिन में, लक्षद्वीप को भी सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ दिया जायेगा।

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