सिक्किम अलग देश : केजरीवाल सरकार ने विज्ञापन में लिखा- नेपाल, भूटान और सिक्किम की प्रजा

New Delhi : दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने शनिवार 23 मई को अखबारों में जारी एक विज्ञापन में सिक्किम को अलग राज्य बताकर एक नये विवाद को जन्म दे दिया। सिविल डिफेंस कोर में स्वयंसेवकों की भर्ती के लिए जारी इस विज्ञापन में पात्रता की शर्तों में लिखा गया है- आवेदनकर्ता भारत का नागरिक हो या फिर भूटान, नेपाल या सिक्किम की प्रजा हो तथा दिल्ली का निवासी हो। दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस पर कार्रवाई करते हुए देश की क्षेत्रीय अखंडता को अपमानित करने के लिए दिल्ली नागरिक सुरक्षा निदेशालय (दिल्ली सिविल डिफेंस) के मुख्यालय में कार्यरत के एक वरिष्ठ अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इसे लेकर सबसे पहले सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने ट्वीट किया – दिल्ली सरकार द्वारा विभिन्न प्रिंट मीडिया में प्रकाशित इस विज्ञापन में सिक्किम के साथ-साथ भूटान और नेपाल जैसे देशों का उल्लेख है। सिक्किम 1975 से भारत का हिस्सा रहा है और एक सप्ताह पहले ही इसका राज्य दिवस मनाया गया है। तमांग ने एक अन्य ट्वीट में इस विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए लिखा – सिक्किम भारत का एक हिस्सा है और यह विज्ञापन निंदनीय है और मैं दिल्ली सरकार से इस मुद्दे को सुधारने का अनुरोध करूंगा।

इसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजन ने शनिवार 23 मई को ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा – निदेशालय में कार्यरत के एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने एक विज्ञापन प्रकाशित किया था जिसमें सिक्किम को अलग देश बताया, जिससे देश की क्षेत्रीय अखंडता का अपमान हुआ है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए लिखा- सिक्किम भारत का अभिन्न हिस्सा है। इस तरह की गलती बर्दाश्त नहीं की जा सकती। विज्ञापन को हटा लिया गया है और अधिकारी के खिलाफ कार्वाई की जा रही है।

भाजपा भी दिल्ली सरकार के विज्ञापन में सिक्किम को अलग देश बताने पर भड़क उठी। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा- अरविंद केजरीवाल को बताना चाहिए कि दिल्ली सरकार ने सिक्किम को अलग देश के रूप में क्यों दिखाया। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा- आज जैसे ही सुबह अखबार उठाया। दिल्ली सरकार के एक विज्ञापन पर नजर पड़ी, जिसमें सिक्किम को एक अलग देश दिखा रहे हैं। एक प्रदेश की सरकार ऐसा कैसे कर सकती है। क्या वो इतनी अनाड़ी हो सकती है कि वो एक राज्य को स्वतंत्र देश दिखा दे। इतना बड़ा विज्ञापन जाने से पहले क्या इसे चूक माना जा सकता है। तो समझिए कितनी बड़ी-बड़ी चूक हो रही है। अरविंद केजरीवाल जी जागिए। आपने क्या किया है दिल्ली को बताइए। सवाल बड़ा है, बात बहुत दूर तक जाएगी।

सिविल डिफेंस कोर में स्वयंसेवक के तौर पर भर्ती होने के लिए शनिवार को अखबारों में जारी विज्ञापन में केजरीवाल सरकार ने पात्रता की चार शर्तें तय कीं थीं। जिसमें पहली शर्त में कहा गया कि वह भारत का नागरिक हो या भूटान, नेपाल या सिक्किम की प्रजा हो तथा दिल्ली का निवासी हो। भाजपा का कहना है कि सिक्किम की प्रजा का उल्लेख करने से लगता है कि दिल्ली सरकार भारत के इस अभिन्न अंग को अलग देश मान रही है। जिस पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी सहित कई नेताओं ने ट्वीट कर केजरीवाल सरकार से जवाब मांगा है।

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