मुम्बई पुलिस की बेशर्मी- बिहार पुलिस को सुशांत केस की जांच का हक नहीं, हम कानूनी सलाह ले रहे

New Delhi : सुशांत प्रकरण की जांच को लेकर जिस तरह से मुम्बई पुलिस बिहार पुलिस के सामने रोड़ा बनकर खड़ी हो गई है उससे साफ है कि महाराष्ट्र सरकार को इस केस में बिहार पुलिस या किसी दूसरे की इंट्री मंजूर नहीं है। एक तरह से यह पूरा मामला सीबीआई की ओर ही बढ़ता दिख रहा है। खासकर रविवार देर रात सुशांत केस की जांच को लेकर मुम्बई पहुंचे पटना एसपी बिनय तिवारी को देर रात जबरिया होम क्वारैंटाइन करने के बाद बिहार डीजीपी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुम्बई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के बयानों के बाद।

मुम्बई के पुलिस कमिश्नर ने सुशांत प्रकरण में निर्लज्जता की सारी हदें पार करते हुये कहा- बिहार पुलिस को इस मामले की जांच का अधिकार था ही नहीं। अगर उनके पास कोई कम्प्लेन आई थी तो उन्हें वह कम्प्लेन मुम्बई पुलिस को ट्रांसफर करना चाहिये था। हम इस मसले पर कानूनी सलाह ले रहे हैं कि क्या बिहार पुलिस को इस मामले की जांच करनी चाहिये। ये उचित नहीं है।
उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुये कहा- मुम्बई पुलिस इस मामले की जांच सही दिशा में कर रही है। अभी तक 56 लोगों के बयान दर्ज किये गये हैं। सुशात की बहनों से बात की गई और उन्हें बुलाया गया लेकिन वे नहीं आईं। सुशांत के रिश्तेदारों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया। हमारी जांच की दिशा एकदम सही है। हमने 13 और 14 जून के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिये हैं। सुशांत के बैंक अकाउंट‍्स के डिटेल भी खंगाले जा रहे हैं। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी इन्हीं बातों को दोहराया है।

इधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र सरकार और मुम्बई पुलिस के बर्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आज 3 अगस्त सोमवार को कहा- यह जो कुछ हो रहा है और हुआ है वो ठीक नहीं है। यह राजनीति तो हो नहीं रही। मैंने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे से इस मसले पर बात की है। उन्होंने महाराष्ट्र के सक्षम अधिकारियों से बात की है। यह अच्छा नहीं हुआ है, जो भी हुआ है। उन्हें समझना होगा कि बिहार पुलिस अपनी जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
इस मामले में गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा- मैं महाराष्ट्र के डीजीपी से बात करने की कोशिश कर रहा हूं। सुशांत सिंह मामले की जांच करने मुंबई पहुंचे आइपीएस ऑफिसर सिटी एसपी विनय तिवारी को 14 दिनों के लिये होम क्वारंटाइन किया गया है। मुंबई एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद सिटी एसपी ने पटना से गये चारों पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग। उसके कुछ देर बाद ही मुंबई जिला प्रशासन की टीम ने कोरोना का हवाला देकर उनके हाथ पर मुहर लगा दी।

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सोशल मीडिया में वीडियो और तस्वीर शेयर कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने वीडियो और फोटो शेयर कर कहा है- ये हैं बिहार cadre के IPS अधिकारी विनय तिवारी जिनको मुंबई में 2 अगस्त को रात में 11 बजे ज़बरदस्ती क्वारैंटाइन कर दिया गया। सुशांत सिंह राजपूत केस में जाँच करनेवाली टीम का नेतृत्व करने गये थे। अब वे यहाँ से कहीं निकल नहीं सकते!
बता दें कि सुशांत केस में तेजी लाने और मुम्बई पुलिस के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन के लिये बिहार सरकार ने अपने तेजतर्रार आईपीएस विनय तिवारी को मुम्बई भेजा है। तिवारी पटना में सिटी एसपी के चार्ज में हैं।

मुम्बई में पहले से पटना पुलिस के चार अफसरों की एक टीम सुशांत मामले की छानबीन कर रही है लेकिन उन्हें मुम्बई पुलिस का कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है। इधर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि मुम्बई पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज नहीं दे रही है। जिसकी वजह से जांच को आगे बढ़ाने में मुश्किल आ रही है।

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