आत्मनिर्भर भारत-PM मोदी का सपना साकार, 3 कंपनियां देश में ही बनायेंगी नासा निर्मित वेंटिलेटर

New Delhi : कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने में उपयोगी और नासा की ओर से तैयार किये गये वेंटिलेटर का निर्माण देश में ही शुरू होने जा रहा है। तीन भारतीय कंपनियों ने नासा से इसका लाइसेंस हासिल कर लिया है। लाइसेंस अल्फा डिजाइन टेक्नॉलजीज प्राइवेट लिमिटेड, भारत फोर्ज लिमिटेड और मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
भारतीय कंपनियों के अलावा 18 अन्य कंपनियों को नासा ने यह लाइसेंस दिया है। जिनमें अमेरिका की 8 और ब्राजील की तीन कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां कोविड-19 के गंभीर रोगियों के लिए सांस लेने में सहायक वेंटिलेटर तैयार करेंगी। नासा ने कोरोना के मरीजों के लिए यह वेंटिलेटर दक्षिण कैलिफोर्निया के जेट प्रोपल्सन लैब (जेलपी) में तैयार किया है। जेपीएल के इंजीनियरों ने यह खास वेंटिलेटर एक महीने में ही तैयार किया है, जिसे VITAL नाम दिया गया है। इसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन मिल चुका है।

इधर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा – मोदी नाम में एक मंत्र छिपा है। मोदी शब्द में एम का मतलब है मोटिवेशनल। प्रधानमंत्री देश को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। ओ से तात्पर्य ऑपरच्युनिटी से है। इसका मतलब है कि पीएम देश के संसाधनों में छिपे नए अवसरों को सामने लाते हैं। मोदी नाम में शामिल डी का मतलब है डायनामिक लीडरशिप। इसका संबंध प्रधानमंत्री की सुघड़ नेतृत्व क्षमता से है। मोदी शब्द के अंतिम अक्षर आई से तात्पर्य है इंस्पायर। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सबको प्रोत्साहित करते हैं।

सीएम चौहान ने मोदी सरकार के दूसरे शासनकाल का एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ की। इससे पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों से पीएम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान भी चौहान ने पीएम के नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की थी। चौहान ने कहा था कि मोदी के नेतृत्व क्षमता का ही नतीजा है कि भारत कोरोना वायरस के कहर को नियंत्रित करने में सफल रहा है और जल्दी ही इससे छुटकारा भी मिल जाएगा।

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