समोसे बेचने वाले की लड़की जिसे ‘इंडियन आईडल’ ने किया था रिजेक्ट, आज उसी शो की जज हैं नेहा

New Delhi : नेहा कक्कड़ आज परिचय की मोहताज नहीं है, उनका गाया हुआ गाना आज जहां बजता है लोग खद को थिरकने से रोक नहीं पाते। एक से एक सुपरहिट हिप-हॉप गाने नेहा ने दिए हैं। उनकी मस्ती भरी खनखनाती आवाज पब में, घरों में,पार्टियों में, कारों हर कहीं सुनाई देती है। नेहा आज अपने एक गाने के लिए लाखों रुपये चार्ज करती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि नेहा एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

उनकी इस सक्सेस को आज लोग इसलिए भी सलाम करते हैं कि उन्होंने जो हासिल किया अपने और अपनी आवाज के दम पर हासिल किया। आज नेहा जिस ऐश और आराम की जिंदगी जी रही हैं, वो उन्हें विरासत में नहीं मिली, उसे नेहा ने खुद कमाया है। एक बार उन्होंने खुद बताया था कि उनके पिता घर खर्च चलाने के लिए स्कूल के बाहर समोसे बेचते थे। नेहा की ये सफलता बाकी सिंगर्स या सेलीब्रिटी से अलग और प्रेरणादायी है।

नेहा को आपने देश के सबसे पॉपुलर म्यूजिक रियेलिटी शो इंडियन आइडल में जज की भूमिका में कई बार देखा होगा, यही वो शो है जहां से नेहा पहली बार पूरे देश के सामने आईं थी। आज नेहा जिस शो में जज हैं साल 2006 में वो बतौर कंटेस्टेंट इस शो का हिस्सा बनी थीं, लेकिन वो कुछ ज्यादा आगे नहीं जा पाईं थीं, और उन्हें ये शो छोड़कर जाना पड़ा था। तब नेहा 11वीं क्लास में पढ़ती थीं। अपने जीवन में बड़ी-बड़ी बाधाओं और समस्याओं को मात देकर फर्श से अर्स तक के सफर को तय करने वाली नेहा के लिए ये रिजेक्शन कोई बड़ी बात नहीं थीं।

नेहा दिल्ली के गली नुक्कड़ों में भजन गाती हुईं बड़ी हुई हैं। जब वो 4 साल की थीं तभी से छोटे मोटे कीर्तन में अपनी प्यारी सुरीली आवाज के सबका मन मोह लेती थीं। बड़ी होते होते नेहा जगराते और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बतौर पेशेवर सिंगर के रूप में भजन गाने लगी थीं। असल में नेहा की गायिकी कीर्तन और भजन जागरण से ही निखरी है और यहीं से उन्हें सिंगर के रूप में भी पहचान मिली। सुर की समझ रखने वालों ने नेहा को तब इंडियन आईडल में अपनी किस्मत आजमाने की सलाह दी थी।

वहां उन्हें सफलता भले न मिली हो लेकिन सफलता की चाभी जरूर मिल गई थी। यहां वो टॉप स्थापित गायकों की सूचि में अपने नाम को दर्ज करा चुकी थीं। 2008 में नेहा ने अपने करियर की शुरुआत ‘नेहा द रॉकस्टार’ नाम के म्यूजिक एल्बम से की थी। उन्हें कई शो के लिए गाने का मौका मिला। कलर्स टीवी सीरीयल में उन्होंने ‘ना आना इस देश मेरी लाडो’ गाया था।  उनका सबसे पहला गाना 2009 में मेहरबानी में ‘हाय रामा’ आया था जो कि प्रदर्शित नहीं हो सका इसके बाद उन्होंने उसी साल फिल्म ब्लू का गाना गाया जहां से उन्हें बॉलीवुड में थोड़ी बहुत पहचान मिली।

इसके बाद उन्होंने गाना ‘बरेली के बाजार में’ को रिमिक्स में गाया। लेकिन उन्हें एक सुपर हिट सिंगर के रूप में पहचान 2012 में आई फ़िल्म‘कॉकटेल’ से मिली जिसमें उन्होंने ‘सेकंड हेंड जवानी’ गाना गाया जो कि काफी हिट रहा। इसके बाद तो उन्हें गाने मिलते गए और वो गाती चली गईं।

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