व्हाइट हाउस से बड़ी खबर: मोदी-ट्रंप की बन गई बात.. दुनिया की सबसे मजबूत आर्मी बनाएंगे दोनों देश

व्हाइट हाउस से बड़ी खबर: मोदी-ट्रंप की बन गई बात.. दुनिया की सबसे मजबूत आर्मी बनाएंगे दोनों देश

By: Ruby Sarta
November 14, 18:11
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NEW DELHI:  नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की ASEAN समिट के दौरान हुई मुलाकात के बाद अमेरिका ने कहा है कि दोनों ही नेता चाहते हैं कि अमेरिका और भारत दुनिया की सबसे मजबूत आर्मी बनें। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को जारी बयान में इस बात की जानकारी दी है।

बता दें कि मनीला में चल रही आसियान समिट (आसियान शिखर सम्मेलन) के दौरान सोमवार को मोदी और ट्रम्प की मुलाकात हुई थी। चार महीने में मोदी और ट्रम्प की यह दूसरी मुलाकात थी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक- मोदी और ट्रम्प की मनीला में बातचीत के दौरान स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के अलावा कई बाइलेटरल मुद्दे भी उठे। व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों नेताओं ने प्रशांत महासागर के हालात पर भी विचार किया।   व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया, मोदी और ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच डिफेंस पार्टनरशिप आगे ले जाने पर जोर दिया। 


दोनों ने ही कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो महान लोकतंत्र हैं और इन्हें इसी रास्ते पर चलते हुए दुनिया की सबसे मजबूत और ताकतवर आर्मी भी बनना होगा। हाल के महीनों में भारत ने अमेरिका से 10 मिलियन बैरल तेल खरीदा है। ट्रम्प ने इस बात पर भारत की तारीफ की। ट्रम्प ने भरोसा जताया कि एनर्जी सेक्टर में दोनों देशों के बीच संबंध काफी मजबूत होंगे और वो ग्लोबल लेवल पर गेम चेंजर साबित होंगे। बता दें कि अमेरिका से क्रूड ऑयल की पहली खेप पिछले महीने भारत पहुंची है। भारतीय ऑयल कंपनियां अगले एक साल में अमेरिका से दो बिलियन डॉलर का तेल खरीदना चाहती हैं।

भारत और अमेरिका मिलकर ग्लोबल एन्टरप्रेन्योरशिप समिट होस्ट करने जा रहे हैं। मोदी ने ट्रम्प से कहा कि भारत इसे दोनों देशों के बीच सहयोग के नए दौर की तरह देख रहा है। समिट में हिस्सा लेने वाले यूएस डेलिगेशन को ट्रम्प की बेटी और उनकी सीनियर एडवाइजर इवांका ट्रम्प लीड करेंगी। 

 मनीला में मोदी और ट्रम्प की मुलाकात से पहले भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के सीनियर अफसरों ने एक अहम मीटिंग की। इसमें इंडो-पैसिफिक रीजन को खुला और कारोबार के लिहाज से बेहतर बनाने पर विचार हुआ। माना जा रहा है कि चारों देशों ने चीन को रोकने के उपायों पर चर्चा की। हालांकि, इंडियन फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर ने इस मीटिंग के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी।

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