स्कलों में योग अनिवार्य कराने को लेकर  BJP नेता को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- योग करना मूल अधिकार नहीं

स्कलों में योग अनिवार्य कराने को लेकर BJP नेता को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- योग करना मूल अधिकार नहीं

By: Aryan Paul
August 08, 13:08
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New Delhi:

स्कूलों में योग को अनिवार्य करने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि देशभर में पहली क्लास से आठवीं क्लास तक के बच्चों के लिए योगा करना अनिवार्य किया जाए ।  

दरअसल स्कूलों में योगा अनिवार्य करने वाली जनहित याचिका बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय ने फाइल की थी ।  अश्वनी उपाध्याय ने योगा अनिवार्य करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में यह तर्क दिया था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य का अधिकार भी जीने के अधिकार के तहत ही आता है । इसलिए उन्होंने कोर्ट में दलील दी थी कि योगा 1 से 8 तक के स्कूली बच्चों के लिए अनिवार्य किया जाए ।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हम यह तय नहीं कर सकते कि स्कूलों में क्या पढ़ाया जाए ? ये तय करना हमारा काम नहीं है, ये मूल अधिकार नहीं है। इससे पहले केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि योग को स्कूलों में अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि ये मूल अधिकार का हिस्सा नहीं है. इसे RTE एक्ट के तहत जरूरी नहीं किया जा सकता। इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट ये तय नहीं कर सकता कि स्कूलों का पाठयक्रम क्या होना चाहिए ? कोर्ट का इससे कोई लेना-देना नहीं है ।

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