जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने का मामला, 2 दिन के अंदर MAX अस्पताल पर होगी कड़ी कार्रवाई 

जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने का मामला, 2 दिन के अंदर MAX अस्पताल पर होगी कड़ी कार्रवाई 

By: Aryan Paul
December 07, 10:12
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New Delhi: जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने के मामले में MAX अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई होगी। दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर के मुताबिक अस्पताल के पास सिर्फ 48 घंटों का समय है। उसके बाद फाइनल रिपोर्ट आते ही सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।

बता दें कि शालीमार बाग के मैक्स अस्पताल पर जुड़वां बच्चों को मृत घोषित करने का आरोप हैं, ना सिर्फ आरोप है बल्कि इलाज के नाम पर 50 लाख रुपयों की डिमांड करने का भी आरोप है। मामले में दिल्ली सरकार जांच के आदेश दे चुकी है। सत्येंद्र जैन का कहना है कि प्रारंभिक रिपोर्ट आ चुकी है। अगले दो दिनों में फाइनल रिपोर्ट भी आ जाएगी।

मैक्स अस्पताल

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हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने कहा है कि फाइनल रिपोर्ट आते ही जो भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई बनेगी। वो सरकार करेगी। कहने का मतलब है कि दोषी पाए जाने पर सरकार अस्पताल को सीज भी कर सकती है। साथ ही अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। हालांकि मैक्स अस्पताल के लिए विवाद नए नहीं हैं, वो पहले भी डेंगू के मरीजों के मामले में विवादों में रहा है।

मैक्स अस्पताल

बता दें कि 26 नवंबर को सरकार ने डेंगू के मरीजों के लिए नए बेड खरीदने को भी कहा था, लेकिन अस्पताल प्रशासन बेडों की संख्या में कोई इजाफा  नहीं किया। यह बात भी सामने आई थी कि अस्पताल ने नान-फीवर वाले मरीजों को भी उसी बेड पर लिटाया था। जिस मामले में दिल्ली सरकार अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

सत्येंद्र जैन

सत्येंद्र जैन का कहना है कि मामले का पता चलते ही दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दे दिए थे और सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट भी मिल चुकी है। उनका कहना  है कि रिपोर्ट का अभी अध्ययन किया जा रहा है, सरकार यह पता कर ही है कि दिल्ली नर्सिग एक्ट के तहत अस्पताल पर क्या  कड़ी  कार्रवाई की जा सकती है, पता किया जा रहा है। दो दिन के अदंर फाइनल रिपोर्ट आते ही सरकार कड़ा एक्शन लेगी।

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मैक्स अस्पताल विवाद

वाकई में यह मामला बहुत ही लापरवाही भरा और अमानवीयता का है। यह भी सच है कि आज स्कूलों की तरह ही अस्पताल भी सिर्फ बिजनेस का अड्डा बनकर रह गए हैं। उन्हें आम इंसान की तकलीफों और उसकी जान की कोई परवाह नहीं हैं। आज अस्पतालों का एकमात्र  मकसद सिर्फ धन उगाही करना ही रह गया है। केंद्र सरकार को भी इस पर कड़े कानून बनाने होंगे, ताकि दोबारा इस तरह की घिनौनी हरकतें ना की जा सकें।

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