गोरखालैंड राज्य का मामला, GJM नेताओं ने राजनाथ से की ममता की शिकायत, केंद्र से की दखल की मांग

गोरखालैंड राज्य का मामला, GJM नेताओं ने राजनाथ से की ममता की शिकायत, केंद्र से की दखल की मांग

By: Aryan Paul
September 09, 09:09
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New Delhi:

दार्जिलिंग में अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर चले रहे आंदोलन पर GJM के सात मेंबरों ने शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात की। GJM के साथ कई पहाड़ी पार्टी के नेताओं ने भी राजनाथ सिंह से बात की । उन्होंने राजनाथ पर त्रिपक्षीय बातचीत के लिए दबाव बनाया। 

बता दें कि पिछले तीन महीनों से अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जिलिंग में आंदोलन चल रहा है। दार्जिलिंग में चल रहे अलग राज्य गोरखालैंड की मांग को लेकर GJM चाहता है कि इसमें केंद्र सरकार भी दखल दे। उन्हें लगता है कि बिना केंद्र के दखल के उनका अलग राज्य गोरखालैंड का सपना कभी साकार नहीं होगा, क्योंकि ममता बनर्जी पहाड़ी पार्टियों से बात इसी शर्त पर करना चाहती हैं कि वो अलग राज्य की मांग छोड़ दें ।

GJM के प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने राजनाथ सिंह से अपील की है कि वे मामले में हस्तक्षेप करें, ताकि ममता बनर्जी पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त को जब ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, तो उन्होंने कहा था कि गोरखालैंड का मुद्दा राज्य के दायरे से बाहर है, लिहाजा उन्हें केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करनी पड़ी ।

GJM के मेंबरों ने राजनाथ सिंह से अपील की कि वो ममता बनर्जी से कहे कि वो उनके लोगों को परेशान ना करे । उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं के यहां रेड मार रही है और उन्हें बिना वजह के परेशान किया जा रहा है। साथ  ही उन्होंने गृह मंत्री को ये भी बताया कि ममता बनर्जी की तरफ से 12 सितंबर को बुलाई गई मीटिंग में उनके नेता शिरकत करेंगे ।

देश के कई राज्य भाषा, संस्कृति और खान-पान के नाम पर बंट चुके हैं, तो कुछ को नेताओं ने अपनी सियासत के लिए भी बांटा है। हाल ही में तेलंगाना देश का 29वां राज्य बना है। इसके अलावा यूपी से उतराखंड का बनना भी कहीं ना कहीं उनकी मांग का समर्थन करता है। छोटे राज्य होने से उसके विकास जल्दी होने के भी उम्मीदें बढ़ जाती हैं ।

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