पाकिस्तान की गीदड़ भभकी- एलएसी, वर्किंग बाउंड्री से छेड़छाड़ की तो गंभीर परिणाम भुगतेगा भारत

New Delhi : भारत का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में अस्थायी सदस्य बनना पाकिस्तान को पच नहीं रहा। इसने इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को परेशान कर दिया है। अब इस्लामाबाद से नाराज प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) और वर्किंग बाउंड्री (डब्ल्यूबी) के साथ किसी भी दुस्साहस के मामले में भारत को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत को बॉर्डर पर किसी भी प्रतिक्रिया के खिलाफ चेतावनी देते हुये जवाबी कार्रवाई की गीदड़ भभकी दी है। कुरैशी ने कहा- खबरदार, सावधान रहें। फरवरी 2019 को याद रखें और हम पर बुरी नजर डालने पर हमारे प्रतिकार के लिये तैयार रहें।

कुरैशी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निशाना साधते हुये कहा – पाकिस्तान को भारतीयों द्वारा दबाया नहीं जा सकता है। इस क्षेत्र में एक नाटकीय बदलाव हुआ है। चीन खुले तौर पर भारत के खिलाफ मैदान में उतरा है। नेपाल, जिसे पूरी तरह से भारत के प्रभाव में माना जाता था, अब भारत के साथ कुछ विवादित क्षेत्रों पर दावा कर रहा है, जबकि श्रीलंका और भूटान को भी अपनी आपत्ति थी। अफगानिस्तान को भी लगता है कि भारत वहां सुलह प्रक्रिया को बाधित कर रहा है।
कुरैशी ने पाकिस्तान सीनेट को बताया – भारत अलगाव का सामना कर रहा है और नई दिल्ली दबाव महसूस कर रहा है। इस दौरान कुरैशी ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा और नई दिल्ली द्वारा जम्मू-कश्मीर की स्थिति से वैश्विक समुदाय का ध्यान हटाने का आरोप लगाया।
कुरैशी की आक्रामक टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इमरान खान की अगुवाई वाली सरकार को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाने में विफल रहने और भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने पर अपने विपक्षी दलों की गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
पाकिस्तान ने अस्थायी सदस्यता के लिए भारत के खिलाफ मतदान किया था, लेकिन नई दिल्ली के पक्ष में भारी मतदान हुआ और भारत को अस्थायी सीट हासिल करने में उसका यह एक वोट मायने नहीं रखता था। कुरैशी ने कहा – हालांकि यह एक गुप्त मतदान था, मगर पाकिस्तान ने खुले तौर पर कहा कि उसने भारत के खिलाफ वोटिंग की है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत द्वारा पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर को दिया गया विशेष राज्य का दर्जा रद्द किए जाने को इसके पीछे का कारण बताया।
दरअसल, भारत द्वारा कश्मीर पर लिये गये फैसले को पाकिस्तान ने मानवाधिकार और अंतरार्ष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन बताते हुये इस मुद्दे को अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर हवा देने की नाकाम कोशिश की है। उसे इस मुद्दे को भुनाने को अवसर नहीं मिल सका और अब भारत को यूएनएससी में अस्थायी सीट मिल गई है। ये चीजें पाकिस्तान को बिल्कुल हजम नहीं हो रही हैं और यही वजह है कि वह आए दिन गीदड़ भभकी देता रहता है।

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