चाबहार बंदरगाह: PAK की नहीं रही जरूरत, भारत का माल सीधा यूरोप पहुंचेगा, खर्चा भी कम होगा

चाबहार बंदरगाह: PAK की नहीं रही जरूरत, भारत का माल सीधा यूरोप पहुंचेगा, खर्चा भी कम होगा

By: Aryan Paul
December 06, 12:12
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New Delhi: IRAN में हाल ही में चाबहार बंदरगाह का उद्घाटन हुआ है। जिसका सीधे तौर पर भारत को बड़ा फायदा मिलेगा। अब पाक की कोई जरूरत नहीं, चाबहार के जरिए भारत-ईरान-अफगानिस्तान को व्यापार करने का नया रुट मिल गया है।

बता दें कि पहले रूस और यूरोप का रास्ता पाक होकर गुजरता था, लेकिन अब चाबहार के बन जाने से भारत बगैर पाकिस्तान के रास्ते का यूज किए ही सीधा माल अफगानिस्तान, रूस और उसके बाद यूरोप तक पहंचा सकेगा। अभी तक भारत को अफगानिस्तान जाने के लिए पाकिस्तान होकर ही जाना पड़ता था। 

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दरअसल कांडला और चाबहार बंदरगाह के बीच की दूरी काफी कम है। लिहाजा अब भारत अपना माल ईरान के जरिए अफगानिस्तान आसानी से भेज सकेगा। साथ ही बता दें कि महीने भर पहले ही भारत ने गेहूं की एक खेप चाबहार बंदरगाह के रास्ते सीधे अफगानिस्तान भेजी थी। भारत के लिए चाबहार इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पाक में चीन द्वारा बनाए जा रहे ग्वादर बंदरगाह से सिर्फ 72 किलोमीटर ही दूर है। बता दें कि चीन इसे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के जरिए बनवा रहा है। 

चाबहार बंदरगाह

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चूंकि चीन की मंशा इस बंदरगाह के जरिए एशिया में नए व्यापार और परिवहन मार्ग खोलकर अपना दबदबा कायम करना है, लेकिन अब चाबहार के जरिए भारत चीन-पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर रखेगा । साथ ही चाबहार बंदरगाह के जरिए अब भारत अफगानिस्तान और राष्ट्रकूल देशों से लेकर पूर्वी यूरोप तक आसानी से बढ़त बना सकेगा। भारत का माल काफी तेजी से ईरान पहुंचेंगा और वहां से नए रेल और सड़क के जरिए अफगानिस्तान समेत मध्य एशियाई देशों को भेजा जा सकेगा।  

चाबहार बंदरगाह का उद्गाटन

ईरान से पूरी होगी भारत की ईंधन जरूरतें--

भारत-ईरान आर्थिक संबंध परंपरागत रूप से भारत कच्चे तेल को लेकर बने हुए हैं। बता दें कि ईरान विश्व में तेल और गैस के व्यापक भंडारों वाले देशों में से एक है और मौजूदा समय में भारत को अपनी सकल घरेलू उत्पाद की दर 8-9 प्रतिशत बनाए रखने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता है जिसे ईरान आसानी से पूरा कर सकता है। इसलिए भी ईरान भारत के लिए काफी फायदेमंद देश है। अब और ज्यादा फायदा मिलेगा। 

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