श्रमिक ट्रेन की प्रतीकात्मक तस्वीर।

अब 22 मई से 1.70 राहत केंद्रों पर मिलेंगे रेलवे के टिकट, दो-तीन दिन बाद काउंटर से मिलने लगेंगे

New Delhi : रेलवे टिकटों की ऑफलाइन बुकिंग भी शुरू करने जा रहा है। शुक्रवार 22 मई से यह सुविधा देश के लगभग 1.7 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स पर उपलब्‍ध होगी। ध्‍यान रहे कि फिलहाल रेलवे स्‍टेशन के टिकट काउंटर्स पर टिकट नहीं मिलेंगे। उसके लिए अगले दो-तीन में व्‍यवस्था की जाएगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस बारे में प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है। गोयल ने यह भी कहा कि वक्‍त आ गया है कि भारत को सामान्‍य हालात की तरफ ले जाया जाए। रेलवे जल्‍द ही और ट्रेनें भी शुरू करने जा रहा है।

रेलवे ने श्रमिक ट्रेनों के अलावे 1 जून से 200 ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों की बुकिंग आज से ऑनलाइन शुरू हो रही है। श्रमिक स्पेशल और वातानुकूलित राजधानी स्पेशल ट्रेनें चलाने के बाद एक जून से नॉन एसी ट्रेनें भी दौड़ने जा रही हैं। इन ट्रेनों के टिकटों की बुकिंग आज 21 मई सुबह 10 बजे से शुरू होगी। पहले रेलवे ने सिर्फ नॉन एसी ट्रेनें चलाने की बात की थी, मगर अब इन ट्रेनों में एसी और जनरल डिब्बे भी होंगे।

रेलवे ने कहा है कि ये ट्रेनें पूरी तरह आरक्षित होंगी, जिनमें एसी और नॉन एसी श्रेणियां होंगी। सामान्य डिब्बों में भी बैठने के लिए आरक्षित सीटों की सुविधा होगी। रेलवे ने एक जून से चलने वाली 200 ट्रेनों की सूची जारी की। बता दें कि मंगलवार 19 मई को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया – भारतीय रेल 1 जून से टाइम टेबल के अनुसार प्रतिदिन 200 नॉन एसी ट्रेन चलायेगा जिसकी ऑनलाइन बुकिंग शीघ्र ही शुरु होगी।
रेल मंत्री ने कहा – राज्य सरकारों से आग्रह है कि श्रमिकों की सहायता करें तथा उन्हें नजदीकी मेनलाइन स्टेशन के पास रजिस्टर कर, लिस्ट रेलवे को दे, जिससे रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाये। श्रमिकों से आग्रह है कि वो अपने स्थान पर रहें, बहुत जल्द भारतीय रेल उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देगा। श्रमिकों के लिये बड़ी राहत, आज के दिन लगभग 200 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल सकेंगी, और आगे चलकर ये संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ पायेगी।

केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए इन ट्रेनों को चलाने के लिये रेलवे के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जिसमें कहा गया कि गृह मंत्रालय से चर्चा के बाद रेल मंत्रालय श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए मंजूरी देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fifty eight − = fifty seven