नीरव मोदी के भाई ने ED से कहा – मुझे गवाह बना लो, मैं जांच में पूरी तरह से करूंगा सहयोग

New Delhi : Punjab National Bank Scame के मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी Nirav Modi के छोटे भाई नीशल मोदी ने प्रवर्तन निदेशालय से इस मामले में सहयोग करने की पेशकश की है, मगर इसके लिए उन्होंने ईडी को बेल्जियम के एंटवर्प शहर आने को कहा है। अपने भाई नीरव मोदी की आपराधिक गतिविधियों से पल्ला झाड़ लिया है। भगोड़ा नीरव मोदी भारत में 13,578 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का प्रमुख आरोपी है।
बेल्जियम के एंटवर्प में रहने वाले नीशल मोदी, पंजाब नेशलन बैंक घोटाला मामले में सीबीआई और ईडी के द्वारा अपने भाई नीरव मोदी और चाचा मेहुल चौकसी और अन्य के साथ आरोपी हैं। नीशल मोदी ने ईडी के साथ एक फॉरेंसिक ऑडिट भी साझा किया है, बेल्जियम स्थित एक ऑडिटिंग कंपनी वैन डेन कीबस वान डेर द्वारा किया गया है। जो ये कहता है कि फायरस्टार डॉयमंड बीवीबीए के सभी लेन-देन, चालान और शिपिंग के कागजात प्रमाणिक और सही हैं।

पीएनबी के मुख्य अभियुक्त नीरव मोदी और मेहुल चौकसी

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक फायरस्टार डायमंड को ईडी ने नीरव मोदी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल की गई कंपनी के रूप में चिन्हित किया है। ईडी ने मई 2018 में दायर चार्जशीट में यह भी कहा है कि नीशल साल 2011 में डमी पार्टनर की नियुक्ति में शामिल थे और 2011 से 2013 के बीच दुबई की कुछ डमी कंपनियों के लाभार्थी थे। वह बेल्जियम में फायरस्टार डायमंड का मालिक भी हैं और हांगकांग स्थित छह कंपनियों से इस कंपनी में बड़ा रकम ट्रांसफर किया गया।

नीशल ने लिखा है – मैं आपके विभाग द्वारा किए जा रहे किसी भी जांच में पूरी तरह से सहयोग करने को तैयार हूं और कानून के अनुसार आपकी मदद करूंगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस मामले में उचित नतीजों के लिए आपका कार्यालय सकारात्मक रूप से और खुले मन से पूर्ण सहयोग की मेरी पेशकश का जवाब देगा। मुझे अपने भाई, नीरव मोदी की किसी भी कथित आपराधिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके भाई नीरव के कथित आपराधिक गतिविधियों के बारे में जरा भी आभास नहीं था, जब तक उसने न्यूज में नहीं देखा।

प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें नीशल से फॉरेंसिंक ऑडिट और एक पत्र मिला है। मगर एजेंसी का कहना है कि अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह एक आरोपी है। अगर वह सच में हमारी मदद करना चाहते हैं तो उसे भारत आना चाहिए।

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