भारत ने चीन पर कसा तंज, कहा- अंतरराष्ट्रीय नियमों और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना सीखो

भारत ने चीन पर कसा तंज, कहा- अंतरराष्ट्रीय नियमों और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना सीखो

By: Sachin
August 09, 16:08
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New Delhi: भारत ने चीन का नाम लिए बिना साउथ चाइना सी के मामले में उस पर तंज कसा है और वन बेल्ट वन रोड पर नसीहत दी है। भारत ने कहा है कि भौगोलिक और राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं एकतरफा तरीके से उन चीजों को तय करने में लगी हैं, जिन पर पूरी दुनिया का हक़ है और इसका प्रगति पर असर पड़ रहा है।

फिलीपीन्स के मनीला में ईस्ट एशिया समिट के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन 7 अगस्त को हुआ। इसमें विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रॉजेक्ट का नाम लिए बिना कहा कि कनेक्टिविटी की पहल अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक हो और सार्वभौमिकता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाए। 

उन्होंने यह भी कहा कि शांति, स्थिरता और विकास के लिए समुद्री रास्तों का खुला रहना जरूरी है। भारत समुद्र में खुली आवाजाही और संयुक्त राष्ट्र में हुई संधि के प्रावधानों के तहत विवादों का शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता है। गौरतलब है कि 18 देशों के मंच ईस्ट एशिया समिट के कई देशों का साउथ चाइना सी पर चीन से विवाद है। साउथ चाइना सी पर चीन अपना दावा करता है और इस बारे में संयुक्त राष्ट्र का कानून मानने के लिए तैयार नहीं है।

वीके सिंह ने आतंकवाद के मामले में भी संयुक्त राष्ट्र के प्रावधानों को लागू करने की मांग की। आतकंवादी मसूद अजहर पर बैन के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रावधानों को लागू करने में चीन अड़ंगा बना हुआ है। वीके सिंह ने उत्तर कोरिया के ऐटमी इरादों पर चिंता जताई।

मनीला में ही 7 अगस्त को मीकॉन्ग गंगा कोऑपरेशन से जुड़े विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें भारत के साथ कंबोडिया, म्यांमार, वियतनाम, थाइलैंड और लाओ पीडीआर के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक के बाद जो संयुक्त बयान सामने आया है, उसके मुताबिक मंत्रियों ने मीकॉन्ग क्षेत्र और भारत के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया है। इस साल भारत में आसियान कनेक्टिविटी समिट का भी स्वागत किया गया। माना जा रहा है कि इस कनेक्टिविटी के जरिये भारत दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ मेलजोल बढ़ा कर चीन के रणनीतिक प्रभाव को कम कर सकेगा।

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