भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन का ड्राफ्ट, मुस्लिम फैमिली लॉ-2017, संसद से पास करवाने की तैयारी

भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन का ड्राफ्ट, मुस्लिम फैमिली लॉ-2017, संसद से पास करवाने की तैयारी

By: Aryan Paul
September 10, 13:09
0
New Delhi:

तीन तलाक पर बैन के बाद भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन मुस्लिम फैमिली लॉ-2017 पास करवाने पर विचार कर रहा है, जिसके तहत बहुविवाह, निकाह हलाला जैसी और कुरीतियों पर भी लगाम कस सकेगी ।

आपको बता दें कि भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की संस्थापक सदस्यों में से एक जाकिया सोमन ने बताया कि इस ड्राफ्ट को पिछले 9 सालों से लिखा जा रहा था, जिसमें देश के 15 राज्यों की महिलाओं के साथ बातचीत के बाद इसे संसद में पेश करने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही इस ड्राफ्ट को महिला सांसदों,महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और नेशनल कमीशन फॉर वीमेन के सामने पेश किया जाएगा ।

तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, यदि पति-पत्नी में से कोई तलाक चाहता है तो उसे तलाक-ए-अहसान के अनुसार काजी, दारुल कज़ा या फिर कोर्ट में एप्लीकेशन दायर करनी होगी । उन्होंने बताया कि तलाक की याचिका के बाद दोनों में तीसरे पक्ष द्वारा सुलह के लिए बातचीत की जाएगी, लेकिन अगर तलाक ही समस्या का हल लगता है, तो तीन महीने के गैप के बाद तलाक दे दिया जाएगा । तैयार किए गए ड्राफ्ट में तीन महीने के अंदर सुलाह करने का प्रावधान रखा गया है।

प्रस्तावित कानून में कहा गया है कि यदि पति या पत्नी दोनों में से कोई भी एक दूसरे से लड़ाई झगड़ा करता है तो वह कोर्ट में याचिका दायर कर अलग हो सकते हैं । इसके साथ ही मौजूदा ड्राफ्ट में बहुविवाह, निकाह हलाला, जैसी कुरीतियों पर भी कोई रास्ता निकालने के लिए महिला सासंदों से इस पर डिबेट करने को कहा गया है।  

साथ ही यह भी तय किया गया है कि शादी के समय आदमी की उम्र 21 साल और महिला की 18 साल से कम ना हो। इसके अलावा मेहर जोकि शादी के समय पति द्वारा पत्नी को एक फिक्स रकम दी जाती है, वो पति की सालाना इनकम से कम नहीं होनी चाहिए । और कहा गया है कि हर शादी का रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा, मुल्ला-मौलवी भी कानून के प्रति जवाबदेह होंगे ।

भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की मेंबर नूरजहां नियाज ने बताया कि अगर मुस्लिम दंपत्ति चाहे तो बच्चा एडाप्ट भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 2006 के नए कानून के तहत कोई भी भारतीय दंपत्ति कानूनी तरीके से एडाप्शन नीति अपना सकता है। 

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।

comments
No Comments