अंधविश्वास का मायाजाल: यहां आज भी बच्चे को अच्छे स्वास्थ्य के लिए छत से फेंका जाता है

अंधविश्वास का मायाजाल: यहां आज भी बच्चे को अच्छे स्वास्थ्य के लिए छत से फेंका जाता है

By: Pawan Nautiyal
January 12, 21:01
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New Delhi: दुनिया में हजारों धर्म हैं और सभी के अलग-अलग रीति रिवाज हैं। आज आपको बताने जा रहे हैं, सबसे क्रूर और खतरनाक रिवाज। जिसे देखकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। 


बच्चे को फेंकना

महाराष्ट्र के शोलापुर में भी ऐसा ही एक रिवाज है, जहां बाबा उमर दरगाह और कर्नाटक श्री संतेश्वर मंदिर में तो बच्चों को छत से फेंक जाता है। नीचे खड़े लोग उन्हें चादर में थाम लेते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे बच्चे का स्वास्थ्य ठीक रहता है।

नहाना

बनारस और मिर्जापुर के कुछ मंदिरों में 'कराहा पूजन' की अजीब परंपरा है, जहां पर नवजात बच्चों को खौलते दूध से नहलाया जाता है फिर उसके बाद पिता भी खौलते हुए दूध से नहाता है।

गाय

उज्जैन में भी बड़ी खतरनाक परंपरा है। वहां के कुछ गांवों में लोग ज़मीन पर लेटकर अपने ऊपर से गायों को गुज़ारते हैं। और ये रीत दिवाली के अगले दिन निभाई जाती है।

 

शरीर में छेद

मध्यप्रदेश के ही एक और जिले बैतूल में भी कुछ अजीब से परंपरा है, यहां हनुमान जयंती के अवसर पर लोग अपने शरीर में छेद करवाते हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से चेचक जैसी बीमारी से बच जाते हैं।
 

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