महाराष्ट्र सरकार चाहती है कि पुलिस घरों में घुसकर बीफ की तलाश करे।

महाराष्ट्र सरकार चाहती है कि पुलिस घरों में घुसकर बीफ की तलाश करे।

By: Aryan Paul
August 11, 08:08
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New Delhi:

बीफ को लेकर देशभर में मचे घमासान के बीच महाराष्ट्र सरकार ने एक कड़ा कदम उठाया है, राज्य में बीफ बैन के बने कानून को पूरी तरह से लागू करवाने को फडणवीस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है ।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में बीफ बैन तो 1976 से ही है, लेकिन ताजा मामले के अनुसार फडणवीस सरकार ने बीफ के शक में किसी भी इंसान के घर पुलिस को तलाशी की भी मंजूरी दे रखी है, जैसा कि राज्य में बीफ बैन के बने  कानून में कहा गया है ।  इसमें सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को  बताया है कि राज्य में बने बीफ बैन कानून में कोई भी इंसान ना बीफ लेकर कहीं जा सकता है  और ना कोई घर में बीफ रख सकता है ।

लगभग एक साल पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 1995 की धारा 5 डी के तहत राज्य में बीफ प्रतिबंध को लेकर सुनवाई हुई थी, और 4 मार्च 2015 को राष्ट्रपति ने अपनी मंजूरी दी थी।

राज्य में बीफ बैन को लेकर बने कानून के तहत कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी इंसान की तलाशी ले सकता है, और उसे ऐसा करने से रोक सकता है । गाय, बैल, सांड के मांस को राज्य से बाहर भेजने पर भी प्रतिबंध है । राज्य में पुलिस जिस पर भी शक हो उसके घर की तलाशी ले सकती है । राज्य में गो-हत्या पर 1976 से ही प्रतिबंध है ।

 सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले फडणवीस सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि बीफ बैन में बने कानून में 5डी के तहत पुलिस गो-हत्या के शक  में किसी भी घर की तलाशी ले सकती है । इस मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा ।

राज्य सरकार के महाअधिवक्ता निंशात कटनेश्वरकर ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट सही परिप्रेक्ष्य में कानून की सराहना करने में विफल रही है, न्यायिक अनुशासन का पालन करने में विफल रहने के अलावा हाईकोर्ट पूरे न्याय वितरण प्रणाली की आधारशिला भी है । उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और अगर इसी तरह गो-हत्या होती है तो इससे देश और देशवासियों में मतभेद ही उत्पन्न होगा ।

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