हैलो-हैलो तो आपने बहुत सुना होगा,लेकिन कभी सोचा है कि आखिर कॉल पर पहला शब्द hello क्यों कहते हैं

हैलो-हैलो तो आपने बहुत सुना होगा,लेकिन कभी सोचा है कि आखिर कॉल पर पहला शब्द hello क्यों कहते हैं

By: Naina Srivastava
November 15, 10:11
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New Delhi: जब आपके मोबाइल या लैंडलाइन की रिंग बजती है तो आप सबसे पहले जो शब्द बोलते हैं वो है क्या है? वो है- 'Hello'। लेकिन आपने कभी नोटिस किया है कि हैलो ही क्यों? इसके अलावा दूसरा क्यों नहीं? चलिए हम आपको बताते हैं।

हम छोटे से बड़े हो गए,लेकिन अब तक सबको फोन पर हेलो बोलते ही सुनते आ रहे हैं। इस शब्द को बोलने के बाद ही आगे की बातचीत शुरू होती है। अब आपको लग रहा होगा कि ये तो सभी कहते हैं इसमें क्या नया है। अधिकांश लोग सोच रहे होंगे कि अरे ये तो हमें पहले से मालूम है। तो बता दें कि आज भी ऐसे कई लोग हैं जो फोन उठाते ही हैलो बोलने के इतिहास से अंजान हैं। लेकिन आज जो बात हम आपको बताएंगे वो आपके दिलो दिमाग में छा जाएगी। सुनिए-

ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार, Hello शब्द पुराने जर्मन शब्द हाला, होला से बना है। ये शब्द पुराने फ्रांसीसी या जर्मन शब्द ‘होला’ से निकला है। 'होला' का मतलब होता है ‘कैसे हो’ या 'हाल कैसा है?' प्राचीन समय में इस शब्द का इस्तेमाल समुद्र में यात्रा के दौरान नाविक किया करते थे। लेकिन असल में कहानी ये नहीं है इसकी कहानी तो लव स्टोरी से रिलेटेड है। फोन का अविष्कार करने वाले अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को 10 मार्च 1876 को उनके टेलीफोन आविष्कार को पेटेंट मिला था।

 आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि ग्राहम बेल की गर्लफ्रेंड का नाम 'मारग्रेट हैलो' था। कई सालों की मेहनत के बाद वो टेलीफोन बनाने में कामयाबी हासिल कर लिए तो उन्होंने सबसे पहले एक जैसे 2 फोन बनाए। जानते हैं क्यों ताकि अपनी गर्लफ्रेंड से बात कर सकें। और इसका एक फोन उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को दे दिया।  जब फोन की सारी तकनीकि परेशानी दूर हो गई तो उन्होंने सबसे पहले गर्लफ्रेंड हैलो को ही फोन किया।  

'मारग्रेट हैलो' को फोन करने के बाद उन्होंने बड़े प्यार से फोन उठाते ही बोला 'हैलो'.... उसके बाद जब भी वो अपनी गर्लफ्रेंड को फोन करते तो 'हैलो' ही बोलते थे। इसका कारण ये भी था कि वो अपनी गर्लफ्रेंड को प्यार से हैलो ही बुलाते थे। टेलीफोन का आविष्कार होने के बाद जब लोगों ने इसका इस्तेमाल करना शुरू किया, तो शुरूआत में लोग फोन पर पूछा करते थे ‘Are You There?’लेकिन वो इतना लंबा शब्द नहीं बोलना चाहते थे। इसलिए आज तक हैलो ही बोला जाता है। 

हालांकि हैलो बोलने के पीछे एक कहानी और है जो ये कहती है कि ग्राहम बेल ने फोन के अविष्कार के बाद कभी भी हैलो शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था।  उन्होंने सबसे पहले Come-here, I want to see you कहा था,लेकिन ये शब्द उन्हें बड़ा लगा तो उन्होंने Ahoy Ahoy बोलना शुरू कर दिया। लेकिन बात यहीं खतम नहीं होती।

एक बार की बात है, थॉमस एडिसन ने 'Ahoy' को गलत सुन लिया और 1877 में उन्होंने 'Hello' बोलने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए उन्होंने पिट्सबर्ग की 'सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट एंड प्रिंटिंग टेलीग्राफ कम्पनी' के अध्यक्ष टीबीए स्मिथ को पत्र लिखा और कहा कि टेलीफोन पर पहला शब्द के रूप में 'Hello' बोला जाना चाहिए। जब उन्होंने पहली बार फोन किया तो सबसे पहले कहा 'Hello'। हैलो का चलन उन्हीं की देन हैं।

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