चीन के छूटे पसीने- चीन की कंपनियों को संभावित वैकल्पिक बाजार और निवेश पर विचार करने की सलाह

New Delhi : पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी घटना के बाद नई दिल्ली ने जो कदम उठाया है उसके बाद अभी से ही चीनी कंपनियों के पसीने छूटने लगे हैं। चीन सरकार के मुखपत्र मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत-चीन के बीच ताजा विवाद का असर भारत स्थित चीन की कंपनियों पर पड़ने लगा है। चीन की स्मार्ट फोन कंपनी ओप्पो को बुधवार 17 जून को अपना 5जी हैंडसेट की लॉन्चिंग को रद्द करना पड़ा। ऐसा लगता है कि चीनी सामानों के खिलाफ भारतीयों का गुस्सा बढ़ेगा।

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है – कुछ हद तक दोनों देशों की सरकारों ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया है और आर्थिक और व्यापारिक सहयोग बरकरार रखना चाहते हैं। लेकिन, भारत में चीन के खिलाफ बढ़ते सेंटिमेंट को लेकर चीनी व्यवसाय को लेकर संभावित खतरा जताया जा रहा है।
इसने आगे लिखा है कि चीनी कंपनियों को अपनी पूंजी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि वे स्थिति बिगड़ने के चलते संयम बरते। साथ ही, दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा विवाद सुलझने तक निवेश और उत्पादन की योजना पर फिलहाल रोक लगाये।
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है – जहां तक वर्तमान स्थिति की बात है तो इस बात से कोई इनकार नहीं कर रहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का असर द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि कुछ समय तक चीन विरोधी भावना भारत में अभी बनी रहेगी।

लेकिन, इसका यह मतलब नहीं है कि चीनी कंपनियों को शांत होकर बैठ जाना चाहिए और स्थिति शांत होने तक इंतजार करना चाहिए। अगर संभव हो तो उन्हें वहां से कहीं और निवेश और संभावित वैकल्पिक बाजार की तलाश करना चाहिए। ग्लोबल टाइम्स ने आगे लिखा है, हम ये उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार वहां पर चीन के सभी लोगों, और चीन के व्यावसाय और उनकी संपत्तियों को आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराएगी।

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