नहीं थम रही तेल की कीमत: मुंबई में 80 पार जाने को तैयार पेट्रोल, दिल्ली में भी चढ़े दाम

नहीं थम रही तेल की कीमत: मुंबई में 80 पार जाने को तैयार पेट्रोल, दिल्ली में भी चढ़े दाम

By: Rohit Solanki
September 14, 13:09
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 New Delhi: पिछले तीन महीनों में गुपचुप तरीके से जिस तरह पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं, उससे देशभर में हाहाकार सा मच गया है। आज पेट्रोल के दाम 80 का आंकड़ा छूने के बिल्कुल करीब पहुंच गया है, जो पिछले 3 सालों में सबसे ज्यादा है। मुंबई में आज पेट्रोल की कीमत 79.50 रुपए पहुंच गई है। कल यहां पेट्रोल के दाम 79.48 रुपए थे।

अब अगर आप रोज बदल रहे पेट्रोल-डीजल के दामों पर कंपनियों और सरकार का गणित समझने बैठ गए तो आपके होश उड़ सकते हैं। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि 79 रुपए की कीमत पर पेट्रोल खरीद रहे हैं, उसमें से 48 रुपए पेट्रोल पंप का कमिशन और सरकार को दिए जाने वाले टैक्स के रूप में हैं। हर एक लीटर पेट्रोल में लगभग 36.55 रुपए तो सिर्फ टैक्स के रूप में वसूला जा रहा है।

दिल्ली में जहां पेट्रोल की कीमत 70 के पार चली गई है, वहीं मुंबई में लोग 79-80 रुपए के बीच पेट्रोल खरीद रहे हैं। लेकिन इस सच्चाई को नहीं झुठलाया जा सकता कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत लगातार घट रही है। चलिए आपको बताते हैं आज पेट्रोल का गणित जो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा।

 इंटरनेशनल मार्केट में बुधवार को कच्चे तेल की कीमत 3093 रुपए प्रति बैरल थी। साल 2014 में कच्चे तेल की कीमत 6 हजार रुपए के करीब थी, यानि सीधे तौर पर देखा जाए तो उस समय के मुकाबले कच्चे तेल के दाम आज के मुकाबले डबल थे। कंपनियां एक लीटर कच्चे तेल के लिए लगभग 21.50 रुपए का पेमेंट करती है। इसके बाद रिफाइनरी प्रोसेसिंग, एंट्री टैक्स, ऑपरेशनल कॉस्ट आदि मिलाकर एक लीटर कच्चे तेल को पेट्रोल में बदलने की कुल लागत करीब 9.30 रुपए आती है। यानी एक लीटर तैयार पेट्रोल की कीमत 31 रुपए के आसपास होती है।

पंपों पर पेट्रोल पहुंचने के बाद आती है टैक्स की बारी, जो एक लीटर तेल की उत्पादन कीमत से भी ज्यादा है। 2014 के बाद से केंद्र सरकार अब तक पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 126% तक बढ़ा चुकी है। 2014 में सरकार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी के नाम पर जहां 9.48 रुपए वसूलती थी, वहीं अब एक्साइज बढ़कर 21.48 रुपए हो गया है। इसी तरह डीजल पर यही एक्साइज ड्यूटी बढ़कर 387% हो गई है। 2014 में डीजल पर एक्साइज ड्यूटी के नाम पर सिर्फ 3.56 रुपए लगते थे, लेकिन आज की तारीख में 17.33 रुपए एक्साइज ड्यूटी के रूप में देने पड़ रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार भी पेट्रोल पर वैट वसूलती है। कुल मिलाकर सिर्फ टैक्स के रूप में लगभग 48 रुपए दे रहे हैं। 

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कल भारी विरोध के बाद आपात बैठक तो बुलाई लेकिन उन्होंने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पेट्रोल पर टैक्स कम करना वित्त मंत्रालय का काम है। प्रधान ने हालांकि पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत जरूर की।

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