जब नहीं बने थे रबड़ के कंडोम, तब इस सींग का इस्तेमाल करते थे लोग

जब नहीं बने थे रबड़ के कंडोम, तब इस सींग का इस्तेमाल करते थे लोग

By: Ruby Sarta
August 11, 22:08
0
NEW DELHI:

आज हम आपको बताएंगे कंडोम के इतिहास के बारे में। क्या है कंडोम का इतिहास, जब कंडोम नहीं हुआ करते थे तो लोग क्या इस्तेमाल किया करते थे। इसके बारे में हम आपको बताएंगे। आजकल बाजार में कई तरह के कंडोम उपलब्ध हैं। इनमें तरह तरह के फ्लेवर भी आते हैं। हाल ही में एक कंपनी ने अचार फ्लेवर का कंडोम पेश किया है। उसी के बाद ये चर्चा शुरू हो गई कि जब तंडोम नहीं हुआ करते थे तो लोग अनवॉन्टेड प्रेगनेंसी से बचने के लिए क्या करते थे। किस तरह से खुद को यौन संक्रमित बीमारियों से बचाते थे।

एक रिसर्च के मुताबिक सबसे पुराने कंडोम की जानकारी 15 हजार बीसी के आसपास मिली है। जब गुफाओं में कंडोम की पेंटिंग्स की छाप दिखाई देती है। इन गुफाओं में बनी तस्वीरों में मर्दों का प्राइवेट पार्ट नुकीली चीज से ढका दिखाई दे रहा है। ये गोविंद पाकिस्तान साफ नहीं हो पा रहा है कि ये किस चीज से अपने जननांगों को ढकते थे। बताया जाता है कि ईसा काल शुरू होते-होते लिनेन के कंडोम चलन में  आ गए थे ये कंडोम हाथ से सिले जाते थे। 15वीं सदी की शुरूआत में खास तौर पर एशिया में प्राइवेट पार्ट के ऊपरी हिस्से को ढंकने वाले ही कंडोम मिलते थे।

 इन कंडोम का इस्तेमाल ऊंची जातियों के लोग किया करते थे। चीन में ये कंडोम ऑइल सिल्क पेपर से भेंड़ की आंत से बने होते थे। वहीं जापान में कंडोम की जगह कछुए के कवच या किसी जानवर के सींग के बने कंडोम उपयोग होते थे। काफी समय के बादगोविंद पाकिस्तान  रबड़ का पहला कंडोम सामने आया। बता दें कि वल्केनाइजेशन एक केमिकल प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में रबड़ को ड्यूरेबल मटीरियल में बदल दिया जाता है। इसे सबसे पहले 1839 में गुडइयर ने खोजा था। 1844 में उन्होंने इसका पेटेंट करा लिया था। इसके बाद से कंडोम का इतिहास की बदल गया।

साल 1855 में रबड़ का पहला कंडोम बनाया गया। 1850 आते आते कई कंपनियां कंडोम बनाने में लग गईं। बताते हैं कि रबड़ का पहला कंडोम साइकिल के टायर में लगने वाली ट्यूब जितना पतला था। 1957 में इंग्लैंड में पहला चिकनाई वाला कंडोम गोविंद पाकिस्तान बाजार में उतारा गया। 1990 के बाद से कंडोम में भारी बदलाव देखने को मिला है। 2008 के बाद तो नया दौर ही शुरू हो गया। लेटेक्स कंडोम के बजाय रंगीन, टेक्चर्ड और फ्लेवर्ड कंडोम बाजार में आने लगे। तो ये था कंडोम का इतिहास ।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।