अगर आपकी तबिय़त बिगड़ रही है तो फेंक दें पुराना तकिया,सेहत पर पड़ता है बुरा असर

अगर आपकी तबिय़त बिगड़ रही है तो फेंक दें पुराना तकिया,सेहत पर पड़ता है बुरा असर

By: Shalu Sneha
December 06, 16:12
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New Delhi: बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें आराम की नींद तभी आती है जब उनके सिर के नीचे तकिया होता है। तकिया जितना मुलायम होता है, उतनी ही अच्छी नींद आती है।

लेकिन आपको बता दें कि अगर हम ताकियों का ठीक से रखरखाव न करें तो यह बीमारी भी दे सकती है। तकिये की सफाई पर उचित ध्यान नहीं देने पर इंफेक्शन, दर्द और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अगर तकिया पुराना हो ​चुका है तो पहले यह देख लें कि उस पर कितनी गंदगी जमा है। इसके अलावा आपको सोते वक्त इससे परेशानी तो नहीं होती।अगर आपको सुबह उठने पर गर्दन में अकड़न, पीठ, टखनों या घुटनों में दर्द महसूस हो तो समझ जाइए कि अब तकिया बदलने की जरूरत है। 

- लैटेक्स तकिया बहुत आरामदायक होता है, इन्हें आप 10-15 साल तक भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

- मेमरी फोम तकिया भी बहुत आरामदेह ​ होता है, क्योंकि यह लेटने पर सिर और गर्दन की शेप खुद बना लेता है।

- अगर आपके बाल गीले हों तो तकिया पर न लेटें, क्योंकि गीली जगह पर बैक्टीरिया जल्दी और ज्यादा पनपते हैं।

- तकिया के साथ इसके कवर का भी ध्यान रखें। कवर ऐसा हो जिससे धूल-मिट्टी अंदर तक न पहुंचे। बेहतर होगा कि इसे कुछ-कुछ दिनों पर धोते रहें।

- तकिए पर गंदगी न जमने दें और नियमित रूप से साफ करते रहें।

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