भारत-चीन सीमा पर कुंदन के पिता बोले- बेटे के शौर्य पर गर्व है, दोनों पोते को भी भेजूंगा सेना में

New Delhi : देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिये लद्दाख के गलवान घाटी में बिहार के सहरसा जिले के कुंदन कुमार ने भी अपनी जान न्यौछावर कर दिये। उनकी शहादत पर उनके किसान पिता को गर्व है। सहरसा के विशनपुर पंचायत के आरण गांव के रहने वाले कुंदन के किसान पिता निमेन्द्र यादव ने कहा – देश के लिए बेटा शहीद हुआ है। कुंदन के दोनों बेटे और अपने पोतों को भी सेना में भेजेंगे।

कुंदन वर्ष 2012 में सेना में शामिल हुये थे। मंगलवार की रात करीब दस बजे सेना के अधिकारी ने पिता को फोन कर यह जानकारी दी। कुंदन कुमार के विशनपुर पंचायत के आरण गांव के लोग गम में डूबे हैं। कुंदन की शादी मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाने के इनरबा गांव में बेबी कुमारी से हुई थी। कुंदन के छह साल और चार साल के दो बेटे हैं।
वास्तविक नियंत्रण रेखा के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – जवानों की शहादत बेकार नहीं जायेगी। मैं देश को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूं। हमारे लिये देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। भारत शांति चाहता है, लेकिन माकूल जवाब देने का सामर्थ्य रखता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- मैं जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और उनके परिवार को भरोसा दिलाता हूं कि देश आपके साथ है, स्थिति कुछ भी हो देश आपके साथ है। भारत अपने स्वाभिमान और हर एक इंच जमीन की रक्षा करेगा।
इधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गालवान घटना पर दुख जाहिर करते हुये कहा – यह र्दनाक है। हमारे सैनिकों ने अपने कर्तव्य में साहस और वीरता का प्रदर्शन किया। देश के लिये अपने जीवन का बलिदान दिया। राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरा दिल सैनिकों के परिवारों के लिये पसीज रहा है। राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें उनकी वीरता के शौर्य और साहस पर गर्व है।

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