कुट्टू के आटे में होते हैं ये कमाल के पोषण-तत्व

कुट्टू के आटे में होते हैं ये कमाल के पोषण-तत्व

By: pooja jadon
June 23, 15:06
0
New Delhi : आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल की मानें तो कुट्टू का आटा प्रोटीन से भरपूर होता है और जिन्हें गेहूं से एलर्जी हो, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

कुट्टू का आटा अनाज नहीं, बल्कि फल से बनता है और अनाज का बेहतर विकल्प होने के साथ पौष्टिक तत्वों भरपूर भी होता है।

इसमें मैग्नीशियम, विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, फॉलेट, जिंक, कॉपर, मैग्नीज और फासफोरस भरपूर मात्रा में होता है। इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट रूटीन भी होता है जो कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को कम करता है। 

कुट्टू के आटे में मिलावट से रहें सावधान

चूंकि कुट्टू के आटे को चबाना आसान नहीं होता, इसलिए इसे कम से कम 6 घंटे पहले भिगो कर रखा जाता है, फिर इन्हें नर्म बनाने के लिए पकाया जाता है, ताकि आसानी से पच सके। चूंकि इसमें ग्लूटन नहीं होता है इसलिए इसे बांधने के लिए आलू का प्रयोग किया जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसकी पूरियां बनाने के लिए हाईड्रोजेनरेट तेल या वनस्पति का प्रयोग न करें, क्‍योंकि यह इसके पोषक तत्वों को खत्म कर देता है। कुट्टू के आटे में मिलावट की जा सकती है और इसे विश्वसनीय स्रोत से ही खरीदना चाहिए। पिछले साल का बचा हुआ आटा भी प्रयोग नहीं करना चाहिए, इससे फूड-प्वॉयजनिंग हो सकती है।

डायबिटीज, पथरी से बचाता है कुट्टू का आटा

कुट्टू 75 प्रतिशत जटिल काबोहाइड्रेट है और 25 प्रतिशत हाई क्वालिटी प्रोटीन, वजन कम करने में यह बेहतरीन मदद करता है। इसमें अल्फा लाइनोलेनिक एसिड होता है, जो एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है और एलडीएल को कम करता है। यह अघुलनशील फायबर का अच्छा स्रोत है और गॉलब्लैडर में पत्थरी होने से बचाता है। फाइबर से भरपूर और ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होने से यह डायबिटीज वालों के लिए बेहतर विकल्प है। कुट्टू के आटे का ग्लिसेमिक इंडेक्स 47 होता है।

 .

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।