कंगना बोलीं- निकिता का बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान, ब्रेवरी अवार्ड दो वो लक्ष्मीबाई-पद्मावती से कम नहीं

New Delhi : हरियाणा के फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर के साथ जो हुआ उससे बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत काफी मर्माहत हैं। कंगना ने इस मुद्दे पर चुप रहनेवाले लोगों पर निशाना साधते हुये ट‍्वीट किया- फ्रांस में जो हुआ, उस पर पूरी दुनिया हैरान है। फिर भी इन जिहादियों को कानून या सिस्टम का कोई डर नहीं है। एक हिंदू छात्रा के साथ दिनदहाड़े कॉलेज के सामने जो हुआ वो शर्मनाक है। वो भी क्यों? क्योंकि उसने इस्लाम में धर्मांतरण से इनकार कर दिया था। इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।

एक अन्य ट्वीट में कंगना रनौत ने पीड़ित की बहादुरी की प्रशंसा की और उसकी तुलना रानी लक्ष्मीबाई से की। उन्होंने लिखा- निकिता की बहादुरी रानी लक्ष्मीबाई या पद्मावती से कम नहीं है। जिहादी पर जुनून सवार था। निकिता ने उसके साथ जाने से और जीने से मना कर दिया। अगर निकिता जीना चाहती तो उसके साथ चली जाती। देवी निकिता हिंदू महिलाओं की गरिमा और गौरव की प्रतीक बन गईं हैं।
कंगना ने भारत सरकार से निकिता को बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने ट्वीट किया- देवी निकिता ने जो किया वो जौहर से कम नहीं, वो मिट गयी मगर झुकी नहीं। हम निकिता का ये बलिदान कभी नहीं भूलेंगे। मैं भारत सरकार से विनती करती हूँ कि देवी नीरजा की तरह देवी निकिता को भी ब्रेवरी अवार्डस दिया जाये।
इधर उन्होंने एक मराठी न्यूज को रीट्वीट करते हुये महाराष्ट्र सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट किया- बीएमसी ने अब तक मेरे घर पर अवैध रूप से विध्वंस के मामले में वकील पर 82 लाख खर्च किये हैं। पापा का पप्पू एक लड़की को चिढ़ाने के लिये जनता का पैसा खर्च करता है। यह वह जगह है जहाँ आज महाराष्ट्र खड़ा है, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

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