विशेषज्ञों ने सरकार को दिया सुझाव, बिजली गुल होने पर कंपनियों पर लगे जुर्माना

विशेषज्ञों ने सरकार को दिया सुझाव, बिजली गुल होने पर कंपनियों पर लगे जुर्माना

By: Sachin
November 12, 21:11
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New Delhi: बिजली उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने देश में हर घर को बिजली की 24 घंटे अनवरत आपूर्ति करने के सरकार के महत्वकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों पर बिजली कटौती के लिए जुर्माना और सख्त नियमन व्यवस्था के साथ-साथ उनकी माली हालत मजबूत रखने के उपाय किए जाने पर बल दिया है।

सरकार ने दिसंबर 2018 घर-घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वह बाकी बचे सभी गांवों के विद्युतीकरण का काम समय से पहले इस साल दिसंबर तक पूरा करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही मार्च 2019 तक सभी घरों को 24 घंटे अनवरत बिजली सुलभ कराने का महत्वकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। 

टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा, 'इस लक्ष्य के लिए जरूरी है कि बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति बेहतर हो।' उन्होंने उदय योजना को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उज्ज्वल डिस्कॉम अशुअरेंस योजना(उदय) सरकार की बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार की योजना है।

उद्योग मंडल सीआईआई के बिजली पर राष्ट्रीय समिति के चेयरमैन सरदाना ने कहा, 'बिजली अपूर्ति में सकल तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान में कमी, लागत और कीमत के बीच का अंतर कम करने व नियमित तरीके से बिजली दरों में संशोधन से कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। कंपनियों की हालत ठीक रहने से हर घर को अनवरत बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।' 

दिल्ली के कुछ हिस्सों में बिजली वितरण का जिम्मा संभाल रही टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर डीडीएल) के प्रवक्ता ने कहा, 'राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जैसे कुछ शहरों में बिजली कटौती पर जुर्माने का प्रावधान है। सभी घरों को सातों दिन 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए इसी प्रावधान को देश में सभी बिजली वितरण कंपनियों पर लागू किये जाने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वितरण कंपनियां वित्तीय समस्याओं या अकुशलता की आड़ में बिनी सोच विचार के बिजली कटौती नहीं करें।'

केंद्रीय बिजली मंत्री आर. के. सिंह ने हाल में कहा था कि सरकार बिजली कानून संशोधन विधेयक को अंतिम रूप दे रही है जिसमें अन्य बातों के अलावा बिजली वितरण कंपनियों को लाइसेंस नवीनीकरण से पहले अपने क्षेत्र की 100 प्रतिशत बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली खरीद समझौता (पीपीए) करना होगा। साथ ही पीपीए के अनुपालन को अनिवार्य बनाया जाएगा और ऐसा नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान होगा।

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