लड़कियों को मिलेगा NDA और आर्मी स्कूलों में एडमिशन, सरकार बोली-हर देशभक्त को देंगे दुश्मन से लड़ने का मौका

लड़कियों को मिलेगा NDA और आर्मी स्कूलों में एडमिशन, सरकार बोली-हर देशभक्त को देंगे दुश्मन से लड़ने का मौका

By: Rohit Solanki
August 11, 17:08
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New Delhi: सरकार National Defence Acadmy और Army Schools में लड़कियों को एडमिशन देने के बारे में सोच रही है। रक्षा मंत्रालय में इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजा है, अगर इसपर अमल हुआ तो भारत की बेटियां भी कंधे से कंधा मिलाकर देश सेवा कर सकेंगी।

रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने शुक्रवार को बताया कि इसके लिए डिफेंस मिनिस्ट्री के पास प्रपोजल भेजा गया है। इसे मंजूरी मिलते ही लड़कियों के आर्मी स्कूलों और NDA में एडमिशन का रास्ता साफ हो जाएगा। देश में फिलहाल 26 सैनिक स्कूल हैं और 21 नए स्कूल खोलने का प्रपोजल है। लोकसभा में सेना के स्कूलों में लड़कियों को एडमिशन नहीं देने पर सवाल पूछा गया था। 

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने लिखित जवाब में बताया कि देश के 22 राज्यों में 26 सैनिक स्कूल हैं। बाकी राज्यों में भी इन्हें खोलने की जरूरत है। 21 स्कूलों के लिए प्रपोजल आए हैं। इसके लिए सरकार 80 करोड़ रुपए बजट पास कर चुकी है। जेटली ने आगे कहा कि सैनिक स्कूलों और राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों की की भूमिका अच्छी रही है, क्योंकि इनसे निकलने वाले कई कैडेट्स NDA ज्वाइन करते हैं। 2016 में सैनिक स्कूलों के कुल 159 कैडेट्स (29%) और मिलिट्री स्कूल के 31 कैडेट्स (6%) NDA तक पहुंचे थे। ऐसे स्कूल खोलने का उद्देश्य डिफेंस सर्विस के ऑफिसर कैडर में क्षेत्रीय असमानता को दूर करना है। फैसले को मंजूरी मिलने के बाद NDA में गर्ल्स कैडेट्स भी ट्रेनिंग लेकर अफसर रैंक हासिल कर सकेंगी।

 

दूसरे सवाल पर जेटली ने कहा कि आजादी के बाद से कोई नई रेजिमेंट नहीं बनी। हालांकि, इसी इन्हीं रेजिमेंट्स की सब यूनिट जरूर बनाई गईं। सरकार की पॉलिसी के मुताबिक, देश के किसी भी क्लास, जाति, धर्म और रीजन से जुड़ा होना इंडियन आर्मी के लिए मायने नहीं रखता है। आजादी के बाद सरकार ने पॉलिसी बनाई कि किसी कम्युनिटी, क्लास, रीजन और धर्म के लिए कोई नई रेजिमेंट नहीं बनेगी। फिलहाल देश के सभी नागरिकों को आर्मी में शामिल होने के बराबर मौके दिए जा रहे हैं।

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