इंटरव्यू मुहावरा- राजदीप सरदेसाई ने जो किया है उसके लिये गांव-चौपाल पर कहते हैं सठिया गये हैं

New Delhi : गांव-घर में एक उम्र होने के बाद बूढ़े हो रहे लोगों के लिये ‘सठिया गये हैं’, इस्तेमाल होता है। ज्यादातर लोगों को यह समझ में नहीं आता कि लोग अपने ही घर, परिवार, पड़ोसी के लिये इस मुहावरे का इस्तेमाल क्यों करते हैं? तो इस मुहावरे को ठीक से न समझ पानेवालों के लिये जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई बतौर उदाहरण पेश हो गये हैं। कुछ दिनों पहले सुशांत सिंह राजपूत को छोटा कलाकार बताते हुये सीबीआई जांच पर आपत्ति जतानेवाले सरदेसाई ने 27 अगस्त को इस प्रकरण की मुख्य आरोपी और शिवसेना सरकार की प्रिय रिया चक्रवर्ती को मंच दिया- सुशांत के बारे में कुछ भी कहने का।

ऐसा करके राजदीप सरदेसाई ने अपनी सालों में कमाई गई थोड़े बहुत सम्मान पर भी वाशिंग पाउडर फेर दिया ही। उनके इस रुख से समाज का एक बड़ा वर्ग नाराज हो गया। ट्विटर पर राजदीप अपने निगेटिव अप्रोच की वजह से ट्रेंड कर रहे हैं। कई अलग-अलग हैशटैग के साथ। राजदीप ने आज इंडिया टुडे न्यूज चैनल के लिये रिया चक्रवर्ती का इंटरव्यू लिया और रिया ने हंसते मुस्कुराते हुये सुशांत के बारे में उलटा-पुलटा बोला। अपनी सफाई दी कि वे किसी भी जांच एजेंसी के सामने अपनी बात रखने के लिये तैयार हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि उनकी बस एक गलती थी कि उन्होंने सुशांत से प्यार किया था और सुशांत भी उन्हें बेहद प्यार करते थे।

यह बातें वे पहले भी कर चुकी हैं। और उन्होंने सीबीआई जांच की डिमांड के बाद कोर्ट में सीबीआई जांच का विरोध भी किया था। राजदीप के इंटरव्यू में उसने कुछ भी नया नहीं कहा, न कोई ऐसी बात कही जो पहले न की हो। फिर भी इस तरह का इंटरव्यू टीवी पर टेलीकास्ट करना सिर्फ और सिर्फ चमचागिरी और चापलूसी के सिवा कुछ नहीं कहा जा सकता। भले दूसरे चैनल जो कर रहे हैं उनकी रिपोर्टिंग स्टाइल या काम पर उंगली उठाई जा रही हो लेकिन चैनलों, जर्नलिस्टों की आपसी काम्पीटिशन में इस तरह का इंटरव्यू लोगों को तो नहीं पच रहा।

सुशांत प्रकरण में रिया पर हार्डडिस्क जबरदस्ती हासिल करने के आरोप भी एक दिन पहले ही लगे। उसके बाद यह इंटरव्यू और राजदीप सरदेसाई का शुरू से लेकर अभी तक इस प्रकरण में रोल बेहद नकारात्मक और शिवसेना सरकार के पक्ष का रहा है। उन्हें इस प्रकरण में पटना में की गई एफआईआर तो बिहार चुनाव से जुड़ा हुआ लगता है लेकिन मुम्बई पुलिस का पटना पुलिस को लेकर किया गया बर्ताव ठीक लगता है और प्रासंगिक भी।

ऐसे में जब आज सुशांत सिंह की बहन श्वेता कीर्ति सिंह ने कहा कि मेरे भाई के मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती को इंटरव्यू प्लैटफार्म देकर इंडिया टुडे ने 130 करोड़ भारतीयों का अपमान किया है तो उनकी यह बात बेहद प्रासंगिक लगती है। सुशांत के पिता भी इस इंटरव्यू के बाद आहत हैं और उन्होंने डिमांड की है कि रिया को तत्काल गिरफ्तार किया जाये।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब यह टीवी चैनल और इसके जर्नलिस्ट शिवसेना के दबाव में काम कर रहे हैं। इससे पहले एकबार आज तक चैनल की ऐंकर अंजना ओम कश्यप ने शिवसेना नेता की तुलना राहुल गांधी से कर दी थी, निगेटिव प्रोस्पेक्ट में तो चैनल दबाव में आ गया और वह दबाव ऐसा लगता है कि अभी तक काम कर रहा है।

यही कारण है कि आज तक चैनल पर सुशांत प्रकरण की ठीक से कवरेज भी नहीं की गई और चैनल करीब 2 दशक के बाद टीआरपी के रेस से भी बाहर हो गया है। सुशांत प्रकरण पर धारदार रुख अख्तियार करने की वजह से रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल ने आज तक के वर्चस्व को  समाप्त कर दिया है। अब इस इंटरव्यू प्रकरण पर बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत ने ट्वीट किया है- ये सिर्फ़ झूट और नफ़रत का साथ देते आएँ हैं और आज भी वही कर रहे हैं।

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