पैदा होते बेटी को छोड़ गए थे मां-बाप,किन्नर ने मां बनकर की परवरिश,पिता बनकर किया डोली में विदा 

पैदा होते बेटी को छोड़ गए थे मां-बाप,किन्नर ने मां बनकर की परवरिश,पिता बनकर किया डोली में विदा 

By: Madhu Sagar
December 01, 10:12
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New Delhi: Amritsar शहर के झब्बाल रोड पर एक शादी हुई। जो दूसरों से काफी अलग थी। इस शादी में लोग हाथों में तोहफे और शगुन लिए लोग किन्नर डिंपल बाबा और उनकी बेटी को शादी के लिए मुबारकबाद दे रहे थे। बता दें कि इस बेटी ज्योति को डिंपल बाबा ने ही पालकर बड़ा किय

23 साल पहले ज्योति के माता-पिता ने उसे बाबा की झोली में डाल दिया था। बाबा ने उसे माता-पिता दोनों का प्यार दिया और पढ़ा लिखाकर इस काबिल बनाया कि वह समाज में सिर उठाकर जी सके। बाबा के परिवार का हिस्सा बनी ज्योति उनके घर के लिए अपने नाम के अनुरूप साबित हुई। डिंपल बाबा कहते हैं कि पहले दिन से ही उन्होंने ज्योति को बेटे की तरह पाला और वह हर लाड लड़ाया जो लोग एक बेटे के साथ लड़ाते हैं। 

किन्नर

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शगुन के तौर पर बाबा ने उसे शहद चटाया तो लोरी सुनाकर सुलाया भी। भूखी होने पर रात को उठकर उसे बोतल से दूध भी पिलाया। बाबा कहते हैं कि ज्योति का सपना था कि वो अपने पैरों पर खड़ी हो लिहाजा उसकी शिक्षा में किसी तरह का समझौता उन्होंने नहीं किया।  आगे बाबा ने कहा डिंपल बाबा आज ज्योति के जाने से मन उदास है लेकिन इस बात की खुशी है कि ईश्वर ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी मैंने उसे पूरा किया।

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ज्योति जब डिंपल बाबा को मिली थी तब वह महज एक दिन की थी। उस अनजान दंपती की चार संताने थीं जिनमें चारों बेटियां थी। पति-पत्नी जब पांचवीं बेटी को बोझ उठाने में असमर्थता व्यक्त की तो बाबा ने ज्योति को अपनी जिम्मेदारी बना लिया। ज्योति अब पांच साल की हुई तो उसे इलाके के स्कूल में दाखिल करवाया। पढ़ाई के प्रति उसकी रूचि को देखते हुए उसे ग्रेजुएशन करवाई और फिर कम्पूयटर का डिप्लोमा करवाया।

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दुल्हन ज्योति के लिए आज का दिन बहुत खास था। विदाई के समय मां-बाप की याद आने के बारे में पूछने पर वह बोली,‘ डिंपल बाबा ने मुझे माता-पिता दोनों का प्यार दिया है। उन्होंने जिस तरह मुझे पाला, शायद मेरे जन्म देने वाले भी ना पाल सकते। मैं भगवान की शुक्रगुजार हूं कि मुझे बाबा जैसे माता-पिता मिले, जिन्होंने मेरी छोटी से छोटी ख्वाहिश भी पूरी की।

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