ओबामा ने मोदी-मनमोहन को बताया अपना अच्छा दोस्त, कहा-दोनों की तुलना करना गलत

ओबामा ने मोदी-मनमोहन को बताया अपना अच्छा दोस्त, कहा-दोनों की तुलना करना गलत

By: Rohit Solanki
December 01, 14:12
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New Delhi: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के पास देश के लिए विजन है। मोदी ब्यूरोक्रेसी को मॉर्डन बना रहे हैं, उन्हें पसंद करता हूं।

ओबामा ने कहा कि मोदी से पर्सनली कहा था कि देश को धर्म या संप्रदाय के आधार पर नहीं बांटना चाहिए। इससे लोग एक-दूसरे के बीच अंतर देखने लगते हैं और समानताएं खत्म हो जाती हैं। 

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एचटी लीडर्स समिट के दौरान वरिष्ठ पत्रकार करण थापर के साथ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा

शुक्रवार को एक अखबार के प्रोग्राम में शामिल हुए ओबामा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अच्छा दोस्त बताया। उन्होंने कहा कि मनमोहन ने इंडियन इकोनॉमी के मॉडर्नाइजेशन की नींव रखी है। ओबामा ने इसके साथ ही कहा है कि वह इन दोनों नेताओं के बीच तुलना नहीं कर सकते। ओबामा दिल्ली में शाम को 300 यंग लीडर्स के साथ टाउन हॉल भी करेंगे। इसे ओबामा फाउंडेशन की ओर से कराया जा रहा है। नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं।

प्रोग्राम में ओबामा ने कहा, दिल्ली लौटना वंडरफुल है। मुझे गर्व है कि अमेरिका का इकलौता शख्स हूं, जो राष्ट्रपति रहते दो बार भारत आया। भारत और अमेरिका के लोगों में काफी समानताएं हैं। मैं और मोदी अभूतपूर्व तरीके से 9 बार मिल चुके हैं।

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ओबामा और मनमोहन की एक पुरानी मुलाकात के दौरान खींची गई तस्वीर

ओबामा ने हमारे सामने मौजूद सभी चुनौतियां पूरी होंगी, जब भारत वर्ल्ड लेवल पर अहम रोल निभाएगा। हम ग्लोबलाइजेशन को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। लोगों के अंदर स्किल्स डेवलप करने में इन्वेस्ट करते हैं। हमें अभी भी अमीरों और गरीब के बीच के अंतर को कम करना है।

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पिछले वर्ष अपनी भारत यात्रा के वक्त हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ बराक ओबामा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, यह मैसेज सबके लिए है, जो मैंने नरेंद्र मोदी से पर्सनली कहा था कि देश को धर्म या संप्रदाय के आधार पर नहीं बांटना चाहिए। लोग एक दूसरे के बीच अंतर देखने लगते हैं और समानताएं खत्म हो जाती हैं। समानताएं हमेशा जेंडर के आधार पर होनी और हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है। भारत की बहुसंख्यक समुदाय और सरकार को मिलकर अल्पसख्ंयकों को खासकर मुस्लिमों को आगे बढ़ाना होगा, ताकि वो भारत के हिस्से के रूप में पहचान बना सकें।

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