'गूगल अर्थ' मैप में कैलाश पर्वत पर बनी परछाई में दिखी भगवान शिव की आकृति, वायरल हुईं तस्वीरें

'गूगल अर्थ' मैप में कैलाश पर्वत पर बनी परछाई में दिखी भगवान शिव की आकृति, वायरल हुईं तस्वीरें

By: Ruby Sarta
November 14, 22:11
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NEW DELHI: भगवान को लेकर लोगों के बीच हमेशा से विवाद छिड़े रहते हैं। आखिर भगवान इस दुनिया में हैं भी या नहीं और इस बीच सोशल मीडिया के आ जाने से न जाने कितनी ही भगवान की फर्जी तस्वीरें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगती हैं।

कभी किसी पेड़ में भगवान की आकृति दिखाई देने लगती है तो कहीं किसी पत्थर या बादल में लोगों को भगवान दिखाऊ दने लगते हैं। ऐसे में लोग सोशल मीडिया पर इस तरह की तस्वीरों को डालने से पीछे नहीं हटते हैं।

ऐसा ही एक मामला सामने आया था साल 2015 में जब कैलाश पर्वत पर भगवान शिव की आकृति दिखाई दी थी। इस तस्वीर को किसी Youtube User ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। जिसके बाद देखते ही देखते इसे शयर करने वालों की होड़ सी मच गई थी। 

दरअसल, इस तस्वीर में भगवान शिव की परछाई जैसी आकृति दिखाई दे रही थी। तब से ये तस्वीरें Facebook, Instagram, Twitter और अन्य सोशल साइट्स पर कई बार शेयर हो चुकी हैं। इन तस्वीरों में कैलाश पर्वत पर बनने वाली परछाइयों को कैमरे के विभिन्न Angles से दिखाया गया है, जिससे ये परछाइयां भगवान शिव की आकृति प्रतीत होती हैं। गूगल मैप पर ली गईं इन तस्वीरों को देख कोई भी यकिन करने को तैयार हो जाएगा कि ये तस्वीरें भगवान शिव की हैं।

कैलाश पर्वत बौद्ध धर्मावलंबियो के लिए पूजनीय है, क्योंकि यहां उनको भगवान बुद्ध का अलौकिक रूप दिखता है। उनका यह भी मानना है कि बुद्ध का ये रूप जिसे धर्मपाल भी कहा जाता है, इसके दर्शन के बाद निर्वाण की प्राप्ति होती है।
 

पर्वत के पास रहने वाले तिब्बतियों का मानना है कि उनके एक संत कवि ने कैलाश की गुफाओं में वर्षों रहकर तपस्या की थी। तिब्बती बोनापाओं के अनुसार कैलाश में जो नौमंजिला स्वास्तिक दिखाई देता है, असल में वो डेमचौक और दोरजे फांग्मों का निवास स्थल है। बौद्ध धर्म के अनुयायी इस जगह को भगवान बुद्ध तथा मणिपद्मा का निवास मानते हैं।

हिन्दू धर्म के अनुयायियों की मान्यता है कि कैलाश पर्वत मेरू पर्वत है जो ब्राह्मंड की धूरी है और यह भगवान शंकर का प्रमुख निवास स्थान है। यहां देवी सती के शरीर का दांया हाथ गिरा था। इसलिए यहां एक पाषाण शिला को उसका रूप मानकर पूजा जाता है। यहां शक्तिपीठ है।

भगवान शिव की परछाई की कुछ तस्वीरों को यूट्यूब पर 11 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है, वहीं फेसबुक पर 2 हजार से ज्यादा बार लोग शेयर और लाइक कर चुके हैं।हांलाकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ये तस्वीरें असली हैं या फोटोशॉप की हुई हैँ। 

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