मकर संक्रांति: इस विशेष मुहूर्त में करें पूजन, दरिद्रता का होगा नाश...आमदनी बढ़ाएंगे ये उपाय

मकर संक्रांति: इस विशेष मुहूर्त में करें पूजन, दरिद्रता का होगा नाश...आमदनी बढ़ाएंगे ये उपाय

By: Sachin
January 13, 21:01
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New Delhi: रविवार दिनांक 14.01.18 को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। शब्द संक्रांति सूर्य के संक्रमण यानि राशि परिवर्तन से बना है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य, शनि की राशि मकर में प्रवेश करके 2 माह तक शनि की राशि मकर व कुंभ में रहते हैं। 

रविवार दिनांक 14.01.18 को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।

मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरी गोलार्ध की ओर अग्रसर होकर दिनों को प्रकाशमाय करता है। इसी दिन से धनुमास व दक्षिणायन समाप्त होकर उत्तरायण शुरू होता है। शास्त्रों में दक्षिणायण को नकारात्मक याने देव रात्रि व उत्तरायण को सकारात्मक याने देव दिवस मानते हैं। 

शब्द संक्रांति सूर्य के संक्रमण यानि राशि परिवर्तन से बना है।

14.01.18 को मकर संक्रांति पुण्यकाल मुहूर्त दिन 14:00 से शाम 17:41 तक रहेगा। संक्रांति पल दिन 14:00 पर होगा। महापुण्य काल मुहूर्त दिन 14:00 से दिन 14:24 तक रहेगा। इस मकर संक्रांति का नाम राजसी है व यह जीवों हेतु कर्मफलदायी रहेगी। 

सूर्य, शनि की राशि मकर में प्रवेश करके 2 माह तक शनि की राशि मकर व कुंभ में रहते हैं।

संक्रांति पर पीले वस्त्र पहनें धनुष व ध्वजा धारण किए है। इसकी सवारी हाथी पर बैठकर आएगी व बैल पर बैठकर जाएगी। जिससे यह आम जनमानस को कर्मठ बनाएगी। शास्त्रनुसार मकर संक्रांति पर दिए गए दान से सहस्त्र गुणा फल देता है। इस दिन सूर्य के विशेष पूजन उपाय व दान से, कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलती है, पारिवारिक संबंध सुदृढ़ होते हैं, आमदनी में बढ़ौतरी होती है।

मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरी गोलार्ध की ओर अग्रसर होकर दिनों को प्रकाशमाय करता है।

विशेष पूजन विधि:

पूर्वमुखी होकर सूर्यदेव का विधिवत पूजन करें। तांबे की दिये में तिल के ताल तेल का दीप करें, तगर की धूप करें, रोली चढ़ाएं, व अशोक के पत्ते चढ़ाएं व लाल फूल चढ़ाएं। जल भरे ताम्र कलश में काले तिल, गुड, उड़द, शहद व सिंदूर मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। किसी माला से इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें।

पूजन मुहूर्त: 
दिन 14:00 से शाम 15:00 तक। (संक्रांति काल) 

पूजन मंत्र: 
ह्रीं रवये कालाय नमः ॥

इसी दिन से धनुमास व दक्षिणायन समाप्त होकर उत्तरायण शुरू होता है।

उपाय

  • कार्यक्षेत्र में तरक्की हेतु सूर्यदेव पर चड़ी 10 रेवड़ियां गरीब मजदूर को बांटे।
  • सुदृढ़ पारिवारिक संबंधों हेतु काली गाय को हरी घास खिलाएं।
  • आमदनी में बढ़ौतरी हेतु सूर्यदेव पर चढ़ा 1 रु का सिक्का पर्स में रखें।

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