इस दरगाह पर मुसलमान ईद की तरह मनाएंगे कृष्ण जन्माष्टमी,हिंदुओं के साथ मिलकर बदल रहे इतिहास

इस दरगाह पर मुसलमान ईद की तरह मनाएंगे कृष्ण जन्माष्टमी,हिंदुओं के साथ मिलकर बदल रहे इतिहास

By: Naina Srivastava
August 13, 10:08
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 New Delhi: अगर हम आपसे कहें कि एक ऐसी जगह है जहां हिंदू मुस्लिम और सिख साथ मिलकर पूजा करते हैं तो यकीनन आप इसे गलत ठहरा देंगे। लेकिन एक ऐसी जगह है जहां जन्माष्टमी हिंदु मुस्लिम और सिख मिलकर मनाते हैं, जो पूरे देश के लिए मिसाल है। 

भगवान कृष्ण के जन्मदिन यानी जन्माष्टमी के मौके पर जयपुर शहर में तीन दिनों का उत्सव आयोजित किया जाता है। इस दौरान यहां कव्वाली, नृत्य और नाटकों का आयोजन किया जाता है। लोगों का कहना है कि यहां इस त्योहार को हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर मनाते हैं। एक बुजुर्ग ने बताया कि इस दरगाह में पिछले कई सालों से जन्माष्टमी मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि देश में हिंदू मुस्लिम में भाईचारे को कायम रखा जा  सके।

देश में आज भी कई ऐसी जगह हैं जहां कुछ लोग धर्म व कट्टरवाद से ऊंचा उठकर आपसी खुशी को अहमियत देते हैं। और अपनी ही पहल से हिंदू-मुस्लिम की एकता की मिसाल बने हुए हैं। जयपुर से 200 किलोमीटर दूर झुंझुनू जिले के चिड़ावा स्थित नरहड़ दरगाह, शरीफ हजरत हाजिब शकरबार दरगाह लोगों के लिए विभिन्न धर्मों की एकता का सबक सिखाती है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोग दरगाह में जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं।

  यहां आयोजित मेले में दूरदराज से लोग पहुंचते हैं और मेले का लुत्फ उठाते हैं। इस दौरान यहां पहुंचने वाले हिंदू श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने के साथ-साथ दरगाह में फूल, चादर, मिठाई आदि चढ़ाकर अपनी-अपनी मुरादें मांगते हैं। वाकई देश के  लिए मिसाल है ये दरगाह।

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