GST की नई दरें आज से लागू, रेस्तरां और खरीदारी पर लोगों को मिलेगी राहत,कई चीजें हुई सस्ती 

GST की नई दरें आज से लागू, रेस्तरां और खरीदारी पर लोगों को मिलेगी राहत,कई चीजें हुई सस्ती 

By: Madhu Sagar
November 15, 09:11
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New Delhi: आज से मार्केटिंग,शॉपिंग और रेस्तरां में खाना हो जाएगा सस्ता। तो पेमेंट करते समय बिल पर खास ध्यान दे। बुधवार से नए GST दरें लागू कर दी जाएगी। 

आप अपने ग्रॉसरी बिल को ज्यादा ध्यान से देखना शुरू करें। मैक्सिमम रिटेल प्राइस पर बेचे जाने वाले चॉकलेट, टूथपेस्ट, शैंपू, वॉशिंग पाउडर और शेविंग क्रीम जैसे कई प्रॉडक्ट्स के दाम घट जाएंगे। ऐसा इन्हें जीएसटी (गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स) के सबसे ऊंचे 28% रेट स्लैब से 18% स्लैब में लाने के चलते होगा। ग्रॉसरी बिल ही नहीं बल्कि अपने रेस्तरां के फूड बिल को भी अच्छे से चेक करें, क्योंकि रेस्तरां बिल को भी 12% और 18% के स्लैब से निकालकर 5% के दायरे में रखा गया है। 

जीएसटी की दरें कम होते ही इन सेक्टरों की कंपनियों ने अपने ट्रेड चैनल में यह सूचना देनी शुरू कर दी है कि टैक्स कट का फायदा कंज्यूमर को तुरंत दिया जाए। क्योंकि रिवाइज्ड स्टिकर लगाने या नया स्टिकर प्रिंट करने में वक्त लगेगा। एक घड़ी कंपनी और एक प्रिंटर मेकर दाम तुरंत घटने की सूचना कंज्यूमर्स को देने के लिए अखबारों में विज्ञापन देने के बारे में सोच रही हैं। मैक्सिमम रिटेल प्राइस में टैक्स वाला हिस्सा भी होता है, लिहाजा अगर कोई कंपनी किसी प्रॉडक्ट का बेस प्राइस या डिस्ट्रीब्यूटर और डीलर का मार्जिन बढ़ाने का फैसला न करे, तो उसका दाम नीचे आना चाहिए। 

सरकार ने संशोधित दाम वाले स्टिकर लगाने के बारे में नई गाइडलाइंस अभी जारी नहीं की हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'कई प्रॉडक्ट्स एमआरपी कैटेगरी में हैं, लिहाजा कंपनियों को या तो स्टिकर लगाना होगा या नए दाम प्रिंट करने होंगे।' बता दें जीएसटी काउंसिल में पीछले शुक्रवार को अपनी 23वीं बैठक में करीब 200 चीजों में टैक्स रेट घटा दिया गया था। और इनमें से 178 को 28% वाले स्लैब से 18% वाले स्लैब में डाल दिया गया था। 

राज्यों और केंद्र ने इस संबंध में नोटिफिकेशंस जारी करने के साथ नए रेट्स मंगलवार आधी रात से लागू हुए। पीडब्ल्यूसी के इनडायरेक्ट टैक्स पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, 'अच्छा है कि जीएसटी काउंसिल ने एक खास तारीक तय की थी। 15 नवंबर से बदलाव लागू करने का निर्णय लेना सही था किया क्योंकि पहले के कुछ मामलों में विभिन्न राज्यों ने अलग-अलग तारीखों पर अधिसूचनाएं जारी की थीं। हालांकि समय की तंगी को देखते हुए अधिकतर कंपनियां प्रॉडक्ट्स के एमआरपी तुरंत नहीं घटा पाएंगी, लेकिन उन्होंने डीलरों और रिटेलरों से कहा है कि कीमतें कम की जानी चाहिए।' 

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