सरकार के मुंह पर तमाचा! गीता ने कर्ज लेकर बनवाया शौचालय, डीएम-प्रधान ने खड़े कर लिए थे हाथ

सरकार के मुंह पर तमाचा! गीता ने कर्ज लेकर बनवाया शौचालय, डीएम-प्रधान ने खड़े कर लिए थे हाथ

By: shailendra shukla
January 13, 17:01
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Baghpat: वैसे तो यह कोई नई बात नहीं है कि सरकारी योजनाओं का लाभ 'पांवरफुल' लोगों के लिए ही होता है। लेकिन दु:ख उस समय होता है जब जरूरतमंद बेचारा लाइन में खड़ा रहता है और दूसरे दरवाजे से 'पांवरफुल' लोग सरकारी माल खा लेते हैं और उन्हें ठेंगा दिखा देते हैं।

जी हां! हम बात कर रहे हैं बागपत के गढ़ी कागरण गांव की, जहां सैकड़ों शौचालय का निर्माण होने के बाद भी एक बेबस गरीब बहू की झोपड़ी शौचालय की राह ताकती रह गई। गीता ने डीएम से लेकर प्रधान तक के चक्कर काटे, लेकिन किसी को उसकी बेबसी नजर नहीं आई। खुले में शौच जाने से परेशान गीता ने केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को बढ़ावा देते हुए 12 हजार रूपय कर्ज पर लेकर शौचालय का निर्माण कराया है। बेरोजगारी से जूझ रही गीता ने साहसिक कदम उठाकर देश और प्रदेश के सामने नजीर पेश की है।

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गीता देवी

गीता बीमार पति और 2 बच्चों के साथ झोपड़ी में जिन्दगी गुजारने को मजबूर हैं। गीता भी तमाम लोगों की तरह पक्का मकान बनवाने की ख्वाहिश रखती हैं, लेकिन सरकारी मशीनरी ने इमदाद के नाम पर हाथ खड़े कर दिए। ग्राम प्रधान से लेकर डीएम तक सब बजट का रोना रो रहे है, कई बार जिलाधिकारी कार्यायल और सीडीओ को मकान बनवाने का प्रथना पत्र सौंप चुकी है, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। 

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शौंचालय

डीएम ने दिया आश्वासन
नवनियुक्त बागपत डीएम ऋषिरेंद्र को जब मीडिया के माध्यम से मामले की जानकारी मिली  तो उन्होंने गीता द्वारा कर्ज पर शौचालय बनवाने की बात को सराहनीय पहल बताया, लेकिन पक्के मकान  की बात पर डीएम जवाब नहीं दे पाए। पूरे मामले में जांच कराकर मदद का आश्वासन तो डीएम ने दिया है, लेकिन मदद कब तक होगी इस बात का जवाब वह नहीं दे पाए। 

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