एंबुलेंस ना मिलने पर पिता ने बाइक पर ढोया बेटी की लाश,आंसू पोछ बोला-किसी को ऐसा दिन ना दिखाए

एंबुलेंस ना मिलने पर पिता ने बाइक पर ढोया बेटी की लाश,आंसू पोछ बोला-किसी को ऐसा दिन ना दिखाए

By: Shalu Sneha
December 07, 08:12
0
New Delhi: जहां देश विकास की तरफ बढ़ता जा रहा है,वहीं कुछ शर्मसार करने वाली घटनाएं भी सामने आ रही है। जिससे सरकार और प्रशासन की लापरवाही साफ देखने को मिलती है।

ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां प्रशासन की लपरवाही के कारण कितने ही लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है।फोर्टिस हॉस्पिटल की लापरवाही का ताजा मामला सामने आया है,जिसमें एक बच्ची के इलाज में 12 लाख लगे,फिर भी मासुम की जान नहीं बचाई जा सकी।एक बार फिर से झारखंड के गोड्डा से ऐसी घटना सामने आई है, जो सिस्टम पर कई सारे सवाल खड़े करती है।

 इमरजेंसी एंट्री गेट के पास एक लाचार बाप को अपनी बच्ची की लाश मोटरसाइकिल पर ढोते देखा गया

चार दिन पहले हुई थी लड़की की शादी, बाथरुम में इस हालत में हुई मौत,लाश देखकर पिता हुए बेहोश

बता दें कि झारखंड में सरकारी अस्पताल प्रबंधन की पोल खोलती ये तस्वीर गोड्डा जिले की है, जहां सदर अस्पताल में बुधवार शाम 5 बजे इमरजेंसी एंट्री गेट के पास एक लाचार बाप को अपनी बच्ची की लाश मोटरसाइकिल पर ढोते देखा गया। अस्पताल में अपनी बच्ची का इलाज कराने आए पेलगढ़ी गांव पंचायत कुर्मिचक के महादेव साह ने बताया कि गोड्डा का सदर अस्पताल बदहाली का शिकार है। मांगने पर भी यहां लाश ढोने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती। मजबूरी में बाईक पर ही बच्ची का लाश ढोना पड़ रहा है। 

 अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले से पल्ला झाड़

मेट्रो में शराब पीकर सफर करने पर चुकानी होगी भारी कीमत,DMRC वसूलेगा 5000 का जुर्माना 

मृतक बच्ची का नाम ललिता कुमारी है,जो 12 साल की थी। ललिता को हृदय की बिमारी थी। जिसका इलाज किसी प्राइवेट क्लिनिक में कराया जा रहा था, अंतिम घड़ी में बच्ची को सदर अस्पताल लाया  गया था. हालांकि, बताया जा रहा है कि मृतक बच्ची के परिजनों ने एंबुलेंस की मांग की थी, मगर वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए एम्बुलेंस नहीं मांगने का आरोप पीड़ित परिजनों पर ही लगा दिया।  

दर्द से कराहती रही रेप पीड़िता, पुलिस ने मदद की जगह धक्के मारकर पिता-बेटी को निकाला

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।